Jamshedpur Kidnapping Case, जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर सीएच एरिया रहने वाले युवा उद्यमी कैरव गांधी का 96 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है. अपहरणकर्ताओं के बारे में अभी भी पुख्ता जानकारी नहीं है. जिस पुलिस लिखी स्कॉर्पियो से अपहरण की बात कही जा रही है, उसका भी पता नहीं चल सका है. पुलिस के अनुसार, अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही.
7 संदिग्धों को लेकर हो रही पूछताछ
दूसरी तरफ जमशेदपुर पुलिस कैरव के घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. साथ ही वह अपहरणकर्ताओं के लोकेशन का पता लगाने में भी जुटी है. सीसीटीवी फुटेज में यह बात सामने आयी है कि कैरव का अपहरण करने के बाद पुलिस लिखी स्कॉर्पियो से चांडिल पाटा टोल प्लाजा से दोपहर तकरीबन 1.29 बजे गुजरते हुए दिखी.
घटना में किडनैपर किंग चंदन सोनार के हाथ होने की आशंका
शुक्रवार को जिला पुलिस ने पाटा टोल प्लाजा और रिवर व्यू होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की है. दोनों कैमरे में स्कॉर्पियो की तस्वीर मिली है. जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने मार्ग बदल लिया और पुरुलिया के रास्ते घुस गये. इस दौरान उन्होंने रास्ते में कैरव को दूसरे वाहन में शिफ्ट कर दिया. जबकि स्कॉर्पियो पुरुलिया की ओर चली गयी. पुरुलिया में मिले सीसीटीवी फुटेज में स्कॉर्पियो में सिर्फ चालक दिखाई पड़ रहा है. सूत्रों के अनुसार कैरव के अपहरण में बिहार का किडनैपर किंग चंदन सोनार व उसके गिरोह की संलिप्तता की बात कही जा रही है. किडनैपर किंग चंदन सोनार गत वर्ष दीपावली से पूर्व हजारीबाग के जेल से छूटा है. चंदन सोनार गिरोह की तलाश में एसआईटी की टीम पटना, हाजीपुर और जहानाबाद में छापेमारी की, लेकिन अबतक सफलता नहीं मिली है.

