एसआईआर के दस्तावेज लेने अमर्त्य सेन के आवास पहुंची निर्वाचन आयोग की टीम

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नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन. फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल में एसआईआर सुनवाई के बीच चुनाव आयोग की टीम ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के घर से उनके दस्तावेज हासिल किये. टीम को उनके चचेरे भाई ने सारे दस्तावेज दिये. अमर्त्य सेन ने उन्हें अधिकृत किया था. अमर्त्य सेन के घर से कौन-कौन से दस्तावेज ईसीआई की टीम ने लिये और क्यों भारत रत्न से सम्मानित इस अर्थशास्त्री को क्यों नोटिस भेजा गया था, यहां पढ़ें.

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नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के एसआईआर दस्तावेज हासिल करने के लिए निर्वाचन आयोग की एक टीम बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित उनके आवास पर गयी और कागजात वहां से लिये. परिवार के एक सदस्य ने यह जानकारी दी है.

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अमर्त्य सेन के चचेरे भाई से आयोग की टीम ने लिये दस्तावेज

चुनाव आयोग के अधिकारी अमर्त्य सेन के पुश्तैनी घर ‘प्रतीची’ पहुंचे और उनका आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र संख्या, उनकी मां अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण पत्र और एक पत्र एकत्र किया, जिसमें अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने अपने चचेरे भाई शांतभानु सेन को अपनी अनुपस्थिति में एसआईआर से संबंधित सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया था.

अमेरिका में हैं नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन

अमर्त्य सेन इस समय अमेरिका में हैं. वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैं. उनके परिवार के सदस्य ने बताया कि जब निर्वाचन अधिकारियों से पूछा गया कि क्या सेन को ‘भारत रत्न’ पुरस्कार के साथ दी गयी प्रशस्ति पत्र की छायाप्रति भी एसआईआर प्रक्रिया के लिए जमा करनी है, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

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पिछले सप्ताह सेन को भेजा गया था सुनवाई का नोटिस

निर्वाचन आयोग ने पिछले सप्ताह अमर्त्य सेन को नोटिस जारी करके पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 16 जनवरी को उनके शांतिनिकेतन स्थित आवास पर सुनवाई करने की जानकारी दी थी.

गणना प्रपत्र में गड़बड़ी के कारण जारी हुआ था नोटिस

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस सेन के गणना प्रपत्र में एक विसंगति के कारण जारी किया गया था. इसमें उनकी मां अमिता सेन की उम्र उनसे सिर्फ 15 साल अधिक थी. सेन का सालों पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज किया गया था और उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में विश्व भारती स्टाफ क्लब मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला था.

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