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एसआईआर के दस्तावेज लेने अमर्त्य सेन के आवास पहुंची निर्वाचन आयोग की टीम

Updated at : 16 Jan 2026 11:10 PM (IST)
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Amartya Sen West Bengal News

नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन. फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल में एसआईआर सुनवाई के बीच चुनाव आयोग की टीम ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के घर से उनके दस्तावेज हासिल किये. टीम को उनके चचेरे भाई ने सारे दस्तावेज दिये. अमर्त्य सेन ने उन्हें अधिकृत किया था. अमर्त्य सेन के घर से कौन-कौन से दस्तावेज ईसीआई की टीम ने लिये और क्यों भारत रत्न से सम्मानित इस अर्थशास्त्री को क्यों नोटिस भेजा गया था, यहां पढ़ें.

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नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के एसआईआर दस्तावेज हासिल करने के लिए निर्वाचन आयोग की एक टीम बीरभूम जिले के बोलपुर स्थित उनके आवास पर गयी और कागजात वहां से लिये. परिवार के एक सदस्य ने यह जानकारी दी है.

अमर्त्य सेन के चचेरे भाई से आयोग की टीम ने लिये दस्तावेज

चुनाव आयोग के अधिकारी अमर्त्य सेन के पुश्तैनी घर ‘प्रतीची’ पहुंचे और उनका आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र संख्या, उनकी मां अमिता सेन का मृत्यु प्रमाण पत्र और एक पत्र एकत्र किया, जिसमें अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने अपने चचेरे भाई शांतभानु सेन को अपनी अनुपस्थिति में एसआईआर से संबंधित सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया था.

अमेरिका में हैं नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन

अमर्त्य सेन इस समय अमेरिका में हैं. वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैं. उनके परिवार के सदस्य ने बताया कि जब निर्वाचन अधिकारियों से पूछा गया कि क्या सेन को ‘भारत रत्न’ पुरस्कार के साथ दी गयी प्रशस्ति पत्र की छायाप्रति भी एसआईआर प्रक्रिया के लिए जमा करनी है, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.

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पिछले सप्ताह सेन को भेजा गया था सुनवाई का नोटिस

निर्वाचन आयोग ने पिछले सप्ताह अमर्त्य सेन को नोटिस जारी करके पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत 16 जनवरी को उनके शांतिनिकेतन स्थित आवास पर सुनवाई करने की जानकारी दी थी.

गणना प्रपत्र में गड़बड़ी के कारण जारी हुआ था नोटिस

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह नोटिस सेन के गणना प्रपत्र में एक विसंगति के कारण जारी किया गया था. इसमें उनकी मां अमिता सेन की उम्र उनसे सिर्फ 15 साल अधिक थी. सेन का सालों पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज किया गया था और उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में विश्व भारती स्टाफ क्लब मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला था.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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