इंडिया ओपन (India Open) सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत का सफर अब पूरी तरह से थम गया है. अल्मोड़ा के रहने वाले 24 साल के युवा स्टार लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) से देश को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन शुक्रवार को खेले गए पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. उनका मुकाबला चीनी ताइपे के लिन चुन-यी (Lin Chun-Yi) से था, जो दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी हैं. यह मैच काफी रोमांचक रहा और तीन गेम तक चला, लेकिन आखिरी पलों में लक्ष्य बाजी पलटने में नाकाम रहे. उन्होंने लिन चुन यी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंत में 21-17, 13-21, 18-21 से मुकाबला गंवा बैठे. इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई है.
शानदार रही मैच की शुरुआत
मैच के पहले गेम में लक्ष्य सेन ने गजब का जज्बा दिखाया. उन्होंने शुरुआत से ही लिन चुन-यी को लंबी रैलियों में उलझाना शुरू कर दिया. दोनों खिलाड़ियों के बीच संयम और सटीकता की जंग देखने को मिली. शुरुआती दौर में स्कोर कभी 4-4 तो कभी 7-7 पर बराबर चल रहा था. लेकिन ब्रेक के बाद लक्ष्य ने अपने खेल की रफ्तार बढ़ाई और दो बेहतरीन विनर लगाकर 13-10 की बढ़त बना ली. इसके बाद लिन दबाव में आ गए और उनसे गलतियां होने लगीं, जिसका पूरा फायदा लक्ष्य ने उठाया और स्कोर को 16-11 तक पहुंचा दिया. इस दौरान एक रैली तो 54 शॉट तक चली, जिसके बाद लिन का शॉट बाहर गया. इससे लक्ष्य को गेम प्वाइंट मिला और उन्होंने तीसरे मौके पर पहला गेम अपने नाम कर लिया.
दूसरे गेम में बिगड़ा तालमेल
पहला गेम जीतने के बाद उम्मीद जगी थी कि लक्ष्य यह मैच सीधे गेम में जीत लेंगे, लेकिन दूसरे गेम में हालात बदल गए. लक्ष्य को शटल पर नियंत्रण रखने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और वह ब्रेक तक 11-5 से पिछड़ गए. उन्होंने वापसी की कोशिश की और एक क्रॉस-कोर्ट स्मैश व तेज रिटर्न के जरिए अंतर को कम करते हुए 7-12 तक ले आए. लिन की एक सर्विस बाहर जाने से स्कोर 9-14 भी हुआ, लेकिन बाएं हाथ के लिन ने फिर से मैच पर पकड़ बना ली. दोनों के बीच एक और मैराथन रैली हुई जो 56 शॉट तक चली, जिसके बाद लिन 18-13 पर पहुंच गए. लक्ष्य इस गेम में बार-बार बेसलाइन से चूकते रहे, जिससे लिन ने 1-1 से बराबरी कर ली.
निर्णायक गेम का रोमांच
तीसरे और निर्णायक गेम में रोमांच अपने चरम पर था. लक्ष्य ने शुरू में 4-0 की बढ़त बनाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे. लेकिन लिन ने भी हार नहीं मानी और दो जंप स्मैश के साथ खाता खोला और देखते ही देखते 8-6 से आगे हो गए. लिन ने लगातार क्रॉस-कोर्ट स्मैश लगाकर स्कोर 9-9 से बराबर कर लिया. ब्रेक के बाद भी स्कोर 12-12 पर अटका हुआ था. तभी लिन से लगातार तीन गलतियां हुईं और लक्ष्य 15-12 से आगे निकल गए. मैच में उतार-चढ़ाव जारी रहा और लिन ने फिर 15-15 पर बराबरी कर ली. हर एक प्वाइंट के लिए दोनों खिलाड़ियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया.
आखिरी पलों में हाथ से फिसला मैच
मैच का अंत बेहद नाटकीय रहा. लक्ष्य 18-16 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने एक शानदार बॉडी स्मैश लगाकर स्कोर बराबर कर लिया. लगा कि अब वो मैच निकाल लेंगे, लेकिन लिन ने मजबूत वापसी की. उन्होंने दमदार रिटर्न-टू-सर्व से जवाब दिया और दो महत्वपूर्ण अंक की बढ़त बना ली. जब लक्ष्य का एक शॉट नेट में जा लगा, तो लिन को मैच प्वाइंट मिल गया. आखिरी रैली में लक्ष्य थोड़ा पिछड़ गए और उनका रिटर्न कमजोर पड़ गया, जिसका लिन ने फायदा उठाया और मैच जीत लिया. इस तरह एक कड़े संघर्ष के बाद भारत की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई.

