रिंकू सिंह ने पिता को दी अंतिम विदाई, भारी मन से दिया अर्थी को कंधा

Published by : Pritish Sahay Updated At : 27 Feb 2026 7:19 PM

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रिंकू सिंह ने दिया पिता की अर्थी को कंधा

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का 27 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से लीवर कैंसर से पीड़ित थे. रिंकू ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया और अंतिम संस्कार में शामिल हुए.

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Rinku Singh Father Death: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह ने अपने पिता खानचंद सिंह की अर्थी को कंधा दिया और उनके अंतिम संस्कार में भाग लिया. उनके अंतिम संस्कार और शव यात्रा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. रिंकू सिंह के पिता का निधन 27 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में हुआ. वे लंबे समय से लीवर कैंसर से पीड़ित थे. वे लंबे समय से लीवर कैंसर की समस्या से जूझ रहे थे. ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल के प्रवक्ता डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि रिंकू के पिता लिवर के कैंसर से जूझ रहे थे. हाल में उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी, जिसके बाद 21 फरवरी से वह अस्पताल में ही भर्ती थे. उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली वेंटिलेटर पर रखा गया था और आज तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली.

रिंकू ने दिया पिता की अर्थी को कंधा

खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार दोपहर करीब दो बजे अलीगढ़ के महुआ खेड़ा इलाके के एक श्मशान घाट पर किया गया. रिंकू अपने भाइयों के साथ अपने पिता की अर्थी को कंधा देते नजर आए. स्थानीय विधायक अनिल पाराशर और विधान परिषद सदस्य ऋषिपाल सिंह शहर के कई प्रमुख व्यक्तियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

टी20 विश्वकप बीच में छोड़कर वापस लौटे थे रिंकू सिंह

पिता की गंभीर हालत होने के कारण रिंकू को टी20 विश्वकप को बीच में छोड़कर यहां लौटना पड़ा था. हालांकि 26 फरवरी को जिम्‍बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वह चेन्नई में भारतीय टीम के साथ जुड़ गए थे. रिंकू के पूर्व कोच मसूद अमिनी ने बताया कि रिंकू सिंह के पिता कैंसर से जूझ रहे थे. उन्होंने कहा ‘वह काफी समय से अस्वस्थ थे. उन्हें लिवर कैंसर था. पिछले तीन-चार दिनों से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.’

रिंकू की सफलता के पीछे पिता का था बड़ा योगदान

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी रिंकू की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ रहा है. अलीगढ़ में गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम करने वाले सिंह ने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में हरसंभव मदद की. रिंकू सिंह के पूर्व कोच अमिनी ने बताया कि रिंकू के पिता ने अपने परिवार का भरण-पोषण करने और अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए अथक परिश्रम किया. उन्होंने कहा ‘खानचंद सिंह ने गैस सिलेंडर आपूर्ति का काम किया और अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए बहुत मेहनत की.’

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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