रविवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि मोदी और ममता एक दूसरे के सबसे अधिक भरोसेमंद मित्र हैं और दोनों में एक ही तरह की विशेषताएं हैं. उन्होंने केंद्र सरकार के एक साल के कामकाज पर रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि मोदी और ममता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों ही तानाशाह हैं. श्री रमेश ने कहा कि जब मोदी सत्ता में आये थे, तब उन्होंने अधिकतम शासन और न्यूनतम सरकार की बात कही थी. लेकिन एक साल बाद हम पाते हैं कि यह अधिकतम अहंकार और एक व्यक्ति की सरकार है. उन्होंने दावा किया कि बंगाल में भी इसी का प्रतिबिंब दिखता है.
यही वजह है कि वे दोनों साथ हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सारधा चिटफंड घोटाले की सीबीआइ जांच कर रही थी. लेकिन पिछले दो-तीन महीनों में इस जांच में कुछ नहीं हुआ. सरकार में मोदी के एक साल पूरा करने पर पांच अध्याय का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मोदी का तात्पर्य लोकतांत्रिक भारत की हत्या है. प्रधानमंत्री ने संसद को पूरी तरह अवहेलना की है. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने पिछले एक वर्ष में नागरिक समाज और गैर सरकारी संगठनों के विरुद्ध कार्रवाई की और उसने सालभर के अंदर एक भी सर्वदलीय बैठक नहीं बुलायी.
यह सतत प्रक्रिया है, जहां नये चेहरे मौजूदा नेतृत्व के साथ शामिल होने के लिए आते हैं. उन्होंने कहा कि भले ही हमारे पास बहुत अधिक वोट या सीटें न हों, लेकिन हमारी उपस्थिति समूचे बंगाल में है. हमें उसका उचित इस्तेमाल करना है और राज्य की जनता के समक्ष तृणमूल कांग्रेस के विकल्प के तौर पर खुद को पेश करना है. श्री रमेश ने कहा कि पार्टी अकेले आगे बढ़ेगी और किसी अन्य संगठन के साथ समझौता करने की कोई योजना नहीं है. तृणमूल कांग्रेस के साथ गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह तृणमूल है जो कांग्रेस से अलग होकर बनी है.

