ePaper

राज्यपाल को जेयू में छात्रों ने दिखाये काले झंडे

Updated at : 24 Dec 2019 2:09 AM (IST)
विज्ञापन
राज्यपाल को जेयू में छात्रों ने दिखाये काले झंडे

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को जादवपुर विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों के एक समूह ने काले झंडे दिखाये. श्री धनखड़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के तौर पर वहां एक बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे. संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एनआरसी को लेकर राज्यपाल के रुख का विरोध कर रहे छात्रों […]

विज्ञापन

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को जादवपुर विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों के एक समूह ने काले झंडे दिखाये. श्री धनखड़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के तौर पर वहां एक बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे. संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एनआरसी को लेकर राज्यपाल के रुख का विरोध कर रहे छात्रों ने उनकी कार को घेर लिया.

उनकी कार दोपहर बाद करीब दो बजे जैसे ही मुख्य द्वार पर पहुंची, छात्रों ने घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी. माकपा समर्थित एसएफआई, ऑर्ट्स फैकल्टी स्टूडेंट्स यूनियन (एएफएसयू), एआईएसए और एफईटीएसयू के प्रदर्शन के बीच श्री धनखड़ करीब 30 मिनट तक वहां फंसे रहे.

कुलपति सुरंजन दास और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें वहां से निकाल कर बैठक स्थल अरविंदो भवन तक पहुंचाया गया. श्री धनखड़ विश्वविद्यालय कोर्ट की बैठक में हिस्सा लेने के लिए परिसर पहुंचे थे. विश्वविद्यालय कोर्ट एक शीर्ष प्राधिकार है, जिसके पास शैक्षणिक और कार्यकारी परिषद के फैसलों की समीक्षा का अधिकार होता है.

वह हालांकि शाम करीब चार बजकर 10 मिनट पर बैठक के बीच से ही उठ कर चले गये. छात्रों ने जब दोबारा उनका रास्ता रोका, तो श्री धनखड़ ने कहा कि उन्हें इस बात का आभास था कि उन्हें विरोध का सामना करना पड़ेगा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने परिसर में आने का फैसला किया, जिससे विशेष दीक्षांत समारोह के रद्द होने को लेकर गतिरोध का कोई समाधान निकल सके.

विश्वविद्यालय ने इससे पहले विशेष दीक्षांत समारोह को रद्द कर दिया था, जिसमें श्री धनखड़ को कुछ प्रमुख लोगों को डि. लिट और डी. एससी की उपाधि देनी थी. यह 24 दिसंबर को निर्धारित था. जादवपुर विश्वविद्यालय ने कहा कि वह इसकी बजाय एक साधारण समारोह आयोजित करेगा, जहां सिर्फ छात्रों को उपाधि और प्रमाण-पत्र दिये जाएंगे.

अरविंदो भवन की सीढ़ियों पर करीब 300 छात्रों ने जब उनका घेराव किया, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं चाहता कि इस स्थिति से आपका करियर प्रभावित हो. मैं यहां आप से चर्चा और समाधान तलाशने के लिये आया हूं. मैं ऐसा राज्यपाल नहीं हूं, जो कभी छात्रों की नहीं सुनता.’ छात्रों ने जब उनसे दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया परिसर में पुलिस कार्रवाई पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं पश्चिम बंगाल का राज्यपाल हूं और मैं राज्य के बारे में सवालों का जवाब दे सकता हूं.’

उन्होंने कहा कि वह शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता में विश्वास रखते हैं और कभी भी किसी राजनीतिक दल की तरफ से काम नहीं करेंगे. छात्रों द्वारा ‘वापस जाओ’ के नारों के बीच श्री धनखड़ ने उनसे कहा कि राजभवन में एक प्रतिवेदन दें और उन्हें बैठ कर उनके मुद्दों पर चर्चा करने में खुशी होगी. उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे पास आपके सवालों का जवाब होगा, मैं निश्चित रूप से उनका जवाब दूंगा.’

श्री धनखड़ ने बाद में एक के बाद एक कई ट्वीट करके कहा, ‘‘दो घंटों तक यादवपुर विश्वविद्यालय में रहा. विभिन्न मुद्दों पर प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत हुई और संकेत दिया कि मैं आगे भी उनके संपर्क में रहूंगा. जादवपुर विश्वविद्यालय की कोर्ट बैठक नहीं हो सकी और निर्देश दिया है कि इसे आज शाम राजभवन में किया जाये.’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश प्रशासन की तरफ से उनके विश्वविद्यालय दौरे को लेकर कोई ‘‘प्रतिक्रिया’ नहीं थी.

जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेयूटीए) के एक प्रवक्ता ने कहा कि कोर्ट मीटिंग जारी थी और इसमें मंगलवार को दीक्षांत समारोह कराने पर फैसला लिये जाने की उम्मीद है. वामपंथी छात्र संघों का कहना है कि राज्यपाल “संस्थान की स्वायत्तता में अवांछित हस्तक्षेप” कर रहे थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola