हस्ताक्षर घोटाला मामले में अभिषेक बनर्जी को झटका, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की
Published by : Ashish Jha Updated At : 05 Jun 2026 1:15 PM
अभिषेक बनर्जी
Abhishek Banerjee: यह मामला शुक्रवार सुबह जस्टिस चैताली चट्टोपाध्याय की एकल अवकाश पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. हालांकि, अदालत ने तृणमूल कांग्रेस महासचिव की जल्द सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया.
कोलकाता से पूनम कुंदन झा की रिपोर्ट
Abhishek Banerjee: कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने विधायक हस्ताक्षर गड़बड़ी मामले में पूछताछ के लिए सीआइडी के समन को चुनौती दी थी. यह मामला विधानसभा में चार अहम पदों के लिए विधायकों के नामांकन के प्रस्ताव पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने से जुड़ा है.
जल्द सुनवाई की मांग खारिज
अभिषेक बनर्जी ने तीन जून को कलकत्ता हाई कोर्ट में सीआइडी के समन को चुनौती देते हुए पुलिस की जबरन कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है, से सुरक्षा की मांग की थी. इसी याचिका में उनके वकील ने जल्द सुनवाई की भी अपील की थी. यह मामला शुक्रवार सुबह जस्टिस चैताली चट्टोपाध्याय की एकल अवकाश पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया. हालांकि, अदालत ने तृणमूल कांग्रेस महासचिव की जल्द सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया.
पेशी के लिए मांगा 15 दिनों का समय
शुरुआत में अभिषेक बनर्जी को एक जून को सीआइडी दफ्तर में पेश होने के लिए समन भेजा गया था, लेकिन उस दिन पेश होने के बजाय उन्होंने 15 दिन का समय मांगा. उन्होंने कहा कि 30 मई को दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में जनता द्वारा हमला किये जाने के बाद उनकी शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है. हालांकि, एक जून की शाम को सीआइडी अधिकारियों ने उन्हें दूसरा नोटिस भेजा और आठ जून को सीआइडी दफ्तर में पेश होने के लिए कहा.
क्या है मामला
कुछ दिन पहले अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के नये स्पीकर रथींद्र बोस को पत्र लिखकर शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष, नयना बंदोपाध्याय और असीमा पात्रा को दो उपनेता और फिरहाद हकीम को तृणमूल कांग्रेस विधायक दल का मुख्य सचेतक नामित किया था. स्पीकर ने हालांकि जोर दिया कि तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव, जिसमें इन चार नामों का समर्थन हो, अभिषेक बनर्जी के पत्र के साथ जमा किया जाये.
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जांच सीआइडी को सौंप दी
अध्यक्ष के इस निर्देश के बाद तृणमूल कांग्रेस विधायकों के हस्ताक्षर वाला प्रस्ताव स्पीकर के कार्यालय में जमा किया गया, लेकिन मामला तब उलझ गया जब तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने स्पीकर के कार्यालय को कुछ विधायकों के हस्ताक्षर मेल न खाने की बात बतायी. इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने जांच सीआइडी को सौंप दी और सीआइडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए समन भेजा.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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