चाय बागान श्रमिकों को मिलेगा 20 फीसदी बोनस

Updated at : 12 Oct 2019 6:36 AM (IST)
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चाय बागान श्रमिकों को मिलेगा 20 फीसदी बोनस

कोलकाता/सिलीगुड़ी : आखिरकार काफी जद्दोजहद व गतिरोध के बाद पहाड़ के 80 हजार चाय बागान श्रमिकों के बोनस का मसला हल हो गया. शुक्रवार को महानगर के नये सचिवालय भवन में चार घंटे तक चली त्रिपक्षीय बैठक में चाय बागान श्रमिकों को 20 फीसदी बोनस देने पर सहमति बनी. हालांकि तय समझौते के अनुसार 20 […]

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कोलकाता/सिलीगुड़ी : आखिरकार काफी जद्दोजहद व गतिरोध के बाद पहाड़ के 80 हजार चाय बागान श्रमिकों के बोनस का मसला हल हो गया. शुक्रवार को महानगर के नये सचिवालय भवन में चार घंटे तक चली त्रिपक्षीय बैठक में चाय बागान श्रमिकों को 20 फीसदी बोनस देने पर सहमति बनी. हालांकि तय समझौते के अनुसार 20 फीसदी बोनस की 60 फीसदी राशि अगले 10 दिनों के अंदर भुगतान करने औरबाकी राशि नवंबर में होनेवाली त्रिपक्षीय बैठक में तय दिन को किये जाने का निर्णय लिया गया.

उल्लेखनीय है कि पहाड़ के बागानों के लिए बोनस के मसले पर बीते 30 सितंबर को त्रिपक्षीय बैठक श्रम मंत्री मलय घटक की अध्यक्षता में हुई थी. बैठक में श्रमिक पक्ष 19 फीसदी बोनस लेने पर अड़े हुए थे, जबकि बागान मालिक 15 फीसदी बोनस देने को तैयार थे. बागान मालिक 15 फीसदी बोनस भी किस्त में देने के लिए राजी थे.
इसके लिए बागान पक्ष इस बार कम उत्पादन और अन्य नुकसान का हवाला दे रहे थे. इस वजह से बैठक बेनतीजा समाप्त हुई थी. उसके बाद अगली बैठक 17 अक्तूबर को तय हुई. इस बीच, बोनस की मांग को लेकर पहाड़ के चाय श्रमिकों ने धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया था.
इसे लेकर गोजमुमो (विनय गुट) के अध्यक्ष विनय तमांग छह अक्तूबर से आमरण अनशन पर बैठ गये थे, जिससे मामला और पेचीदा होता जा रहा था. ऐसे में शुक्रवार को त्रिपक्षीय वार्ता बुलायी गयी, जिसमें श्रम मंत्री भी मौजूद रहे. इस बैठक में चाय बागान मालिकों ने तराई-डुआर्स की तरह 18.50 फीसदी से अधिक बोनस देने में असमर्थता जतायी. इस मुद्दे पर वे अड़े हुए थे.
इस दौरान हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार की ओर से श्रम मंत्री ने कहा कि बोनस के भुगतान में कोई पक्षपात नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा उन्होंने पहाड़ के बागानों के लिए इस बार विशेष मामला समझकर 20 फीसदी बोनस देना उचित बताया. मालिक पक्ष हालांकि बोनस देने पर राजी तो हुए, लेकिन उन्होंने आर्थिक परिस्थिति का हवाला देकर बोनस की रकम दो किस्तों में देने की पेशकश की. जिसे संबंधित पक्षों ने मान लिया.
तय हुआ कि 60 फीसदी की पहली किस्त अगले 10 दिनों में, जबकि बाकी 40 फीसदी का भुगतान नवंबर में होनेवाली त्रिपक्षीय बैठक के दौरान श्रम मंत्री की मौजूदगी में तय तारीख को किया जायेगा. वहीं, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बागानों में उत्पादन कार्य सामान्य रूप से चलाने पर भी सहमति जतायी.
बोनस की मांग पूरी होते ही विनय तमांग ने तोड़ा अनशन
दार्जिलिंग. पहाड़ के चाय श्रमिकों के लिए 20 फीसदी बोनस की मांग को लेकर छह अक्तूबर से आमरण अनशन पर बैठे गोजमुमो (विनय गुट) के अध्यक्ष विनय तमांग ने शुक्रवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया. चाय श्रमिकों के हाथों से पानी पीकर श्री तमांग ने अपना अनशन तोड़ा. अनशन तोड़ने के बाद श्री तमांग को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया. गौरतलब है कि गत छह अक्तूबर से विनय तमांग शहर के मोटर स्टैंड के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे.
श्री तमांग की बिगड़ती सेहत को देखते हुए राज्य सरकार ने 17 अक्तूबर की प्रस्तावित त्रिपक्षीय बैठक शुक्रवार को ही बुलायी थी. आखिरकार श्रमिकों को 20 प्रतिशत बोनस देने पर सहमति जतायी. इसके बाद श्री तमांग ने अपने पूर्व घोषणा के तहत आमरण अनशन समाप्त कर दिया.
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