कोलकाता : मोदी सरकार ने छीनी किसानों की नींद : ममता

Updated at : 05 Feb 2019 4:50 AM (IST)
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कोलकाता :  मोदी सरकार ने छीनी  किसानों की नींद :  ममता

संवाददाता 4 कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने किसानों की नींद ‘छीन’ ली है. उन्होंने शुक्रवार को संसद में पेश अंतरिम बजट में घोषित सौगातों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि आम चुनावों से पहले किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख […]

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संवाददाता 4 कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने किसानों की नींद ‘छीन’ ली है. उन्होंने शुक्रवार को संसद में पेश अंतरिम बजट में घोषित सौगातों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि आम चुनावों से पहले किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आश्वासन दिया कि लोकसभा चुनावों के बाद अगर केंद्र में सत्ता बदलती है तो किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जायेगी.

मुख्यमंत्री सीबीआइ द्वारा कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से चिटफंड घोटालों के संबंध में पूछताछ की कोशिश के खिलाफ रविवार रात से धरने पर बैठी हुई हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मेट्रो सिनेमा के सामने धरना स्थल से फोन पर किसानों के सम्मेलन को संबोधित किया, जो नेताजी इंडोर स्टेडियम में बैठकर लाउडस्पीकर पर ममता का संबोधन सुन रहे थे.
अपने भाषण ने ममता ने सिंगूर मुद्दे पर अपने अनशन का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि मैं किसानों को उनकी कृषि भूमि लौटाने की मांग को लेकर 2006 में इसी स्थान पर 26 दिन के लिये अनशन पर बैठी थी. इस आंदोलन ने नयी मिसाल पेश की, क्योंकि जमीन पर किसानों के अधिकार को पूरे देश में स्वीकृति मिली.
संविधान की भावना को बहाल करने की मांग को लेकर ‘मेट्रो चैनल’ के पास जिस जगह धरने पर वह बैठी हैं, उसी जगह पर सिंगूर में किसानों की खेतिहर जमीन लौटाने की मांग को लेकर वह 2006 में 26 दिन के लिये भूख हड़ताल पर बैठी थीं. सिंगूर में टाटा मोटर्स की ‘नैनो कार संयंत्र’ लगाने के लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था.
आखिरकार टाटा ने पश्चिम बंगाल में परियोजना त्याग दी थी और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर साणंद में अपना संयंत्र लगाया था. इस आंदोलन के दम पर वाम मोर्चा के 34 साल के शासन का अंत कर ममता 2011 में राज्य की सत्ता में आयीं.
उन्होंने कहा कि भाजपा और मोदी सरकार ने किसानों की नींद छीन ली है.
उन्होंने दावा किया कि देश में करीब 12 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं. शुक्रवार को संसद में पेश अंतरिम बजट में किये गये वादों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के साथ आम चुनाव से पहले धोखा किया जा रहा है. ममता ने कहा कि नोटबंदी की वजह से किसान काफी परेशानी में हैं और कई ने आत्महत्या कर ली है या वे अपनी आजीविका गंवा चुके हैं.
उन्होंने कहा : देश में एकमात्र हमारी सरकार है जिसने खेती की जमीन का अधिग्रहण नहीं किया है और उसने सिंगूर में अधिग्रहण की गयी जमीन लौटा दी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन हम पहले ही उनकी आमदनी तीन गुणा बढ़ा चुके हैं.
किसानों को 80 फीसदी पैसा राज्य से : सीएम
ममता बनर्जी ने कहा कि नोटबंदी के बाद से किसानों की हालत खराब हो गये हैं. हमने किसानों के टैक्स माफ किये. हम किसानों की जमीन खराब नहीं होने देते, जबकि केंद्र सरकार द्वारा किसानों की जमीनें जबरन ली जा रही थीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं से किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. मोदी जी झूठ बोल रहे हैं, 80 फीसदी पैसा किसानों को राज्य सरकार दे रही है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल किसानों के इंश्योरेंस के लिए 600 करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल सरकार ने दिये हैं.
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