रोजगार पर फिर से सर्वे कराने की तैयारी

Updated at : 03 Feb 2019 1:13 AM (IST)
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रोजगार पर फिर से सर्वे कराने की तैयारी

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के प्रमुख ने दी जानकारी कोलकाता : केंद्र सरकार रोजगार पर नया सर्वे कराने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के प्रमुख विवेक देबरॉय ने कहा है कि इस नये सर्वे में उल्लेखनीय रूप से रोजगार सृजन दिखायी देगा. देबरॉय ने कहा कि रोजगार, कारोबारी माहौल […]

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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के प्रमुख ने दी जानकारी

कोलकाता : केंद्र सरकार रोजगार पर नया सर्वे कराने की तैयारी में है. प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) के प्रमुख विवेक देबरॉय ने कहा है कि इस नये सर्वे में उल्लेखनीय रूप से रोजगार सृजन दिखायी देगा. देबरॉय ने कहा कि रोजगार, कारोबारी माहौल का एक बड़ा हिस्सा राज्यों के दायरे में आता है.
देबराय ने कहा,‘‘हम नेशनल सैंपल सर्वे (एनएसएस) का नया दौर शुरू करेंगे, जिसकी घोषणा जल्द की जायेगी. मुझे भरोसा है कि उस सर्वे में यह दिखायी देगा कि देश में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हुआ है.
उन्होंने कहा कि भारत के पास 2011-12 के बाद रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस आंकड़ा नहीं है. नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की रिपोर्ट में चौंकानेवाला खुलासा हुआ है. ऑफिस की पीएलएफएस की रिपोर्ट के मुताबिक देश में साल 2017-18 में बेरोजगारी दर पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा थी. ऐसा बताया गया है कि एनएसएसओ के रोजगार सर्वे को पांच दिसंबर को कोलकाता में हुई बैठक में मंजूर किया गया था. इस सर्वे को सांख्यिकी और कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी किया जाना था, लेकिन यह अब तक नहीं किया गया है.
इसके बाद संस्थान के कार्यवाहक अध्यक्ष पीसी मोहनन और संस्थान की गैर-सरकारी सदस्य जेवी मीनाक्षी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. देबरॉय ने यह भी कहा है वास्तविक मुद्दा रोजगार की संख्या नहीं बल्कि रोजगार की गुणवत्ता तथा वेतन की दर है.
उन्होंने इस बात को भी नोट किया कि सरकार सीमित संख्या में ही रोजगार उपलब्ध कर सकती है. इसलिये बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन सरकार की नौकरियों से बाहर होना चाहिए. ‘‘मोदी सरकार स्व-रोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर यही कर रही है.
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार, साल 2018 में भारत की बेरोजगारी दर 3.5 फीसदी रिकॉर्ड की गई है और साल 2019 में यह और बढ़ सकती है. संगठन का मानना है कि साल 2019 में भारत में लगभग एक करोड़ 90 लाख लोग बेरोजगार रहेंगे. वहीं, सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) ने कहा कि दिसंबर 2018 में भारत की बेरोजगारी दर बढ़कर 7.4 फीसदी हो गई है.
सेंटर से जुड़े महेश व्यास बताते हैं कि यह बेरोजगारी दर पिछले 15 महीनों में सबसे ज्यादा है. इसलिए राेजगार को लेकर विभिन्न आंकड़ों के बीच ही केंद्र सरकार नये सिरे से इसे लेकर सर्वे कराना चाहती है, ताकि सही आंकड़ा सामने आ सके. नये सर्वे में राज्यों में कितने रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, इनकी जानकारी भी रहेगी.
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