आरबीआइ व सीबीआइ जैसी संस्थाओं को चलाने में केंद्र विफल : अमित मित्रा
Updated at : 24 Nov 2018 5:11 AM (IST)
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नयी दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने शुक्रवार को आरबीआई और सरकार के बीच के टकराव को ‘बीमारी होने का लक्षण’ करार दिया और कहा कि केंद्र सरकार को रिजर्व बैंक और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) जैसे संस्थानों को चलाना नहीं आता है. उन्होंने कहा कि स्वायत्तता को लेकर रिजर्व बैंक […]
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नयी दिल्ली/कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने शुक्रवार को आरबीआई और सरकार के बीच के टकराव को ‘बीमारी होने का लक्षण’ करार दिया और कहा कि केंद्र सरकार को रिजर्व बैंक और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) जैसे संस्थानों को चलाना नहीं आता है.
उन्होंने कहा कि स्वायत्तता को लेकर रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर की चिंता इस बात को दिखाती है कि रिजर्व बैंक में अंदर से विस्फोट होने वाला है. श्री मित्रा ने कहा कि केंद्र सरकार यह नहीं जानती है कि आरबीआइ और सीबीआइ जैसी संस्थाओं को किस तरह से चलाया जाता है.
श्री मित्रा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आरबीआइ और सीबीआइ से जुड़े घटनाक्रम राजग सरकार के कमजोर शासन को दर्शाते हैं. उन्होंने कहा कि इन दोनों संस्थाओं के टकराव की इस तरह की घटनायें पिछली किसी भी सरकार के समय नहीं दिखाई दी.
केंद्रीय बैंक और केंद्र सरकार के बीच जारी गतिरोध पर उन्होंने कहा : सरकार को नहीं पता है कि इन संस्थाओं का प्रबंधन कैसे किया जाता है. उन्हें यह सीखना है. यह केवल बीमारी का लक्षण है. उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के दोषपूर्ण क्रियान्वयन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को 4.75 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
श्री मित्रा ने सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्योग को 59 मिनट में एक करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की केंद्र की पहल की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह महज हथकंडा है और उन्हें कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं मिला है, जिसे इस पोर्टल के जरिए अब तक कर्ज मिला हो.
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