दमदम आधार सेवा केंद्र का हाल बेहाल, परेशान हैं स्थानीय लोग

Updated at : 21 Aug 2018 5:34 AM (IST)
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दमदम आधार सेवा केंद्र का हाल बेहाल, परेशान हैं स्थानीय लोग

कोलकाता : केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने सभी आधार केंद्र या नामांकन केंद्र, बाहरी स्थानों से सरकारी या स्थानीय निकाय परिसरों में स्थानांतरित कर दिये गये हैं, लेकिन निकायों और डाकघरों में आधार सेवा केंद्र का हाल बेहाल है. दमदम नगरपालिका स्थित आधार सेवा केंद्र में आधार पंजीकरण […]

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कोलकाता : केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने सभी आधार केंद्र या नामांकन केंद्र, बाहरी स्थानों से सरकारी या स्थानीय निकाय परिसरों में स्थानांतरित कर दिये गये हैं, लेकिन निकायों और डाकघरों में आधार सेवा केंद्र का हाल बेहाल है. दमदम नगरपालिका स्थित आधार सेवा केंद्र में आधार पंजीकरण के लिए लोगों को न केवल घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, वरन आधार पंजीकरण के लिए नियुक्त एजेंसियों की लापरवाही से भूल पंजीकरण के लोगों को बार-बार चक्कर लगाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है. इससे शुल्क भी दोबारा देना पड़ रहा है और परेशानी भी उठानी पड़ रही है.
आइटी कंपनी विप्रो में कार्यरत प्रभात शर्मा को तीसरी कक्षा में पढ़ रही अपनी बच्ची के लिए आधार बनाना था. श्री शर्मा बताते हैं कि इसके पहले उन्होंने अपनी बच्ची का आधार बनाया था, लेकिन उसमें पता गलत लिख दिया गया था. इस कारण फिर से पता में संशोधन के लिए आये हैं. सेवा केंद्र का कार्यालय सुबह 10 बजे खुलता है. उन्होंने सुबह नौ बजे ही लाइन दी थी, लेकिन जब उनका नंबर आया, तो कहा गया है कि बच्ची को साथ लेकर आना होगा, तभी भूल सुधार होगा.
यूआइडीएआइ के नोडल अधिकारी ने स्वीकारी परेशानी की बात
यूआइडीएआइ के पश्चिम बंगाल में नोडल अधिकारी व राज्य के गृह व पार्वत्य मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव प्रियांतु मंडल (आइएएस) ने स्वीकार किया कि आधार का पंजीकरण पूरी तरह से केंद्रीय संस्था यूआइडीएआइ की निगरानी में होता है. इस पर राज्य सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. केंद्र सरकार के निर्देश के मद्देनजर ही निजी परिसरों से आधार सेवा केंद्र स्थानांतरित कर सरकारी व निकायों के परिसर में किये गये हैं, लेकिन जरूरत की तुलना में इनकी संख्या कम है.
इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार को आधार सेवा केंद्र राज्य सरकार के अधीन लगाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन केंद्र सरकार इसका खर्च राज्य सरकार को वहन करने के लिए कहती है, इस कारण यह प्रस्ताव खटाई में पड़ा है.
मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की जरूरत: सौगत
दमदम लोकसभा केंद्र के सांसद व पूर्व मंत्री सौगत राय का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय का भी निर्देश है कि आधार को बाध्यतामूलक नहीं माना जा सकता है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आधार पंजीकरण को लेकर हो रही समस्या के प्रति केंद्र सरकार का ध्यान बार-बार आकृष्ट किया है. केंद्र सरकार की सिंगल पहचान की नीति पूरी तरह से गलत है.
इसे देश के नागरिकों पर जबरन थोप दिया जा रहा है. लोगों को बैंक एकाउंट से लेकर मोबाइल फोन को आधार से पंजीकरण कराने के लिए बाध्य किया जा रहा है. इसका मुख्यमंत्री ने लगातार विरोध किया है. उन्होंने कहा कि आधार पंजीकरण में लोगों को कम से कम परेशानी हो. इसके लिए केंद्र सरकार को पर्याप्त कदम उठाने चाहिए तथा इस बाबत मूलभूत सुविधाएं विकसित करनी चाहिए.
यूआइडीएआइ देता है अाधार केंद्र सेवा की एजेेंसी
दमदम नगरपालिका के आधार पंजीकरण से जुड़े अधिकारी का कहना है कि यूआइडीएआइ अाधार सेवा केंद्र की एजेंसी देता है. सेवा केंद्र केवल दमदम नगरपालिका परिसर में है, लेकिन इनका संचालन पूरी तरह से यूआइडीएआई द्वारा होता है तथा इनसे दमदम नगरपालिका का कोई संपर्क नहीं है और न ही ये नगरपालिका के अधीन कार्य करते हैं, लेकिन वे लोग इस पर नजर रखते हैं ताकि पंजीकरण में नागरिकों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े.
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