ओपन कास्ट माइंस के खिलाफ रानीगंज में प्रदर्शन, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

रानीगंज शहर को कोयला खनन और धंसान के खतरे से बचाने की मांग को लेकर ‘रानीगंज बचाओ मंच’ ने गुरुवार को एनएसबी रोड स्थित मारवाड़ी रिलीफ सोसाइटी अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन किया.
रानीगंज.
रानीगंज शहर को कोयला खनन और धंसान के खतरे से बचाने की मांग को लेकर ‘रानीगंज बचाओ मंच’ ने गुरुवार को एनएसबी रोड स्थित मारवाड़ी रिलीफ सोसाइटी अस्पताल के सामने धरना प्रदर्शन किया. मंच ने चेतावनी दी कि जो भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी इस मुद्दे का समर्थन नहीं करेगा, उसे चुनाव में वोट नहीं दिया जायेगा.प्रशासनिक उदासीनता पर नाराजगी
धरना को संबोधित करते हुए संयुक्त संयोजक डॉ एसके बासु ने कहा कि ओपन कास्ट माइंस के कारण शहर के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक, सांसद और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब आधुनिक तकनीक से जटिल परियोजनाएं संभव हैं, तो रानीगंज को सुरक्षित रखते हुए कोयला उत्पादन क्यों नहीं किया जा सकता.
अस्तित्व की लड़ाई बताकर एकजुटता की अपील
संयुक्त संयोजक गौतम घटक ने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ऊपर शहर के अस्तित्व से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर लोगों की जिंदगी को खतरे में नहीं डाला जा सकता. वरिष्ठ सदस्य राजेंद्र प्रसाद खेतान ने इसे पूरे रानीगंज की लड़ाई बताते हुए सभी से एकजुट होने की अपील की.
दो घंटे चला धरना
सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए. इस दौरान बलराम राय, प्रदीप नंदी, डॉ चैताली बासु, डॉ अरूपानंद पॉल, विद्युत पांडेय, डॉ एस माझी और पवन टंडन समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. मंच ने कहा कि जब तक ओपन कास्ट माइंस के फैसले को वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा.
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