1400 किमी दूर दिल्ली जाकर दंपती ने किया DU की प्रो देवस्मिता का मर्डर, बर्धमान से गिरफ्तार

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 07 Jun 2026 5:54 PM

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Delhi University Professor Devasmita Pal Murder: दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर देवस्मिता पाल हत्याकांड की गुत्थी महज 72 घंटे में सुलझ गयी. बर्धमान से उनके किरायेदार दंपती को गिरफ्तार कर लिया गया है. संपत्ति हड़पने के लिए हथियार के साथ 1400 किलोमीटर दूर दिल्ली जाकर दंपती ने किया मर्डर.

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Delhi University Professor Devasmita Pal Murder: दिल्ली से पश्चिम बंगाल के बर्धमान तक को दहला देने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की सहायक प्रोफेसर देवस्मिता पाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझ गयी है. मर्डर के 72 घंटों के भीतर केस सॉल्व करते हुए पुलिस ने बर्धमान से एक दंपती को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस दंपती ने प्रोफेसर की हत्या करने के लिए 1400 किलोमीटर का सफर तय किया.

बर्धमान से पकड़ा गया किरायेदार दंपती

पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों ने न केवल वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया, बल्कि किसी को शक न हो, इसके लिए वे अपने मासूम बच्चे को ढाल बनाकर साथ ले गये थे. पुलिस ने आखिरकार रविवार को दबिश देकर दोनों को बर्धमान से धर दबोचा.

फ्लैट का नजारा देख कांप गयी बहन की रूह

गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के पॉश इलाके बसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट के एक फ्लैट से जब देवस्मिता पाल का रक्तरंजित शव बरामद हुआ, तो पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. देवस्मिता की बहन देबारती लगातार अपनी बहन को फोन कर रही थीं. बार-बार कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो घबराकर वह फ्लैट में पहुंचीं. बाहर से ताला बंद देख दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर देवस्मिता की लाश पड़ी थी.

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हमलावर ने क्रूरता की सारी हदें पार की

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि प्रोफेसर के सिर पर किसी भारी चीज से गंभीर वार किये गये थे और उनके हाथ की नस भी कटी हुई थी. फ्लैट से कोई भी कीमती सामान, गहने या नकदी गायब नहीं थे. इसी सुराग ने जांचकर्ताओं को साफ कर दिया कि वारदात चोरी या लूट के इरादे से नहीं, बल्कि एक बेहद ठंडे दिमाग से रची गयी निजी दुश्मनी का नतीजा है.

दिल्ली में अकेले रहती थीं प्रो पाल

देवस्मिता पाल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं. दिल्ली में वह अकेले रहती थीं. वर्ष 2022 से उनका अपने पति के साथ तलाक का मुकदमा चल रहा था, जो बेंगलुरु में रहते हैं. पुलिस ने शुरुआत में पति से भी लंबी पूछताछ की, लेकिन असली मोड़ तब आया, जब बर्धमान में मौजूद देवस्मिता की पैतृक संपत्ति का कनेक्शन सामने आया.

मकान पर कब्जा करने की थी नीयत

गिरफ्तार दंपती बर्धमान में देवस्मिता के पैतृक मकान में लंबे समय से किरायेदार के रूप में रह रहा था. देवस्मिता लगातार मकान खाली करने का दबाव बना रही थीं, जबकि दंपती बेशकीमती संपत्ति को हड़पने का ताना-बाना बुन रहा था. इसी विवाद ने इतनी बड़ी खूनी साजिश का रूप ले लिया.

सीसीटीवी और ड्राइवर ने खोली पोल

इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी को सुलझाने में सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और दिल्ली पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस सबसे बड़ी मददगार साबित हुई. अपार्टमेंट के कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को संदिग्ध दंपती नजर आया, जो पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर मास्क लगाये थे. लिफ्ट की बजाय वे सीढ़ियों से सीधे 7वीं मंजिल पर प्रोफेसर के फ्लैट पहुंचे.

Delhi University Professor Devasmita Pal Murder: आधे घंटे का खेल और बदले हुए कपड़े

दोनों करीब आधे घंटे तक फ्लैट के अंदर रहे. पुलिस का दावा है कि हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने सबूत मिटाने के लिए अपने खून से सने कपड़े बदले और नीचे खड़ी एक कार में बैठकर रफूचक्कर हो गये. पुलिस ने सबसे पहले उस कार के ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसने इस दंपती का पूरा कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया.

4 राज्यों में छापेमारी, 200 लोगों की कुंडली खंगालने के बाद गिरफ्तारी

इस केस को क्रैक करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. अपार्टमेंट और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगभग 200 लोगों की संदिग्ध गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया. इनमें से 13 सबसे बड़े संदिग्धों की एक लिस्ट तैयार कर उन पर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस लगाया गया.

48 घंटे में 4 राज्यों में छापेमारी के बाद हुई गिरफ्तारी

पिछले 48 घंटों में दिल्ली पुलिस की 7 विशेष टीमों ने कुल 4 राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी की और रविवार को बर्धमान से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी हत्या में इस्तेमाल हथियार भी अपने साथ बर्धमान से ही लेकर दिल्ली पहुंचे थे, जिससे साफ है कि यह एक ‘प्री-प्लान्ड’ मर्डर था.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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