कोलकाता : चिकित्सा में लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में मरीज के परिजनों ने हंगामा करते हुए वहां के डॉक्टर व स्टाफ पर अपना गुस्सा निकाला. इससे नाराज होकर जूनियर डॉक्टरों ने कई घंटों तक इमरजेंसी विभाग में काम करना बंद कर दिया, जिससे दूसरे मरीजों को काफी दिक्कतें हुईं. स्थिति संभालने के लिए सीनियर डॉक्टरों को आना पड़ा. घटना एनआरएस अस्पताल के अंदर मेडिसिन वार्ड में रविवार दोपहर की है. खबर पाकर इंटाली थाने की पुलिस के साथ डीसी (इएसडी) देवस्मिता दास मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को सामान्य किया.
क्या है मामला : तपसिया रोड के निवासी परवेज हमीद (37) को ब्रेन स्ट्रोक के बाद एनआरएस अस्पताल लाया गया था. वहां मेडिसिन वार्ड के तीसरे तल्ले में सिटी स्कैन कराने के दौरान उसकी मौत हो गयी.
इसके बाद परिजनों ने चिकित्सा में लापरवाही का आरोप लगाकर काफी देर तक हंगामा किया. अस्पताल के चिकित्सक व अन्य स्टाफ के साथ बदसलूकी की गयी. चिकित्सकों का कहना था कि परवेज हमीद को जब अस्पताल लाया गया था, उस समय उसे स्ट्रोक आया था. उसे काफी हाइ शुगर भी था. इस कारण उसकी हालत बिगड़ती चली गयी और अंत में उसकी मौत हो गयी.
इधर, इस घटना के िवरोध में जूनियर डॉक्टरों ने घंटों इमरजेंसी विभाग में चिकित्सा रोक दी. इससे दूसरे मरीजों को काफी दिक्कतें हुईं. आपातकालीन स्थिति में सीनियर डाॅक्टर चिकित्सा करने में जुट गये. बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर दोनों पक्षों को समझाते हुए हालात काबू में किया. इस घटना को लेकर काफी देर तक एनआरएस अस्पताल में मरीजों की चिकित्सा प्रभावित रही.
