शुभेंदु अधिकारी सरकार में स्वपन दासगुप्ता बने वित्त मंत्री, देखें 41 मंत्रियों की लिस्ट, किसको कौन-सा मंत्रालय मिला
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 10 Jun 2026 3:17 PM
बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी.
West Bengal Suvendu Adhikari Cabinet Portfolios: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है. स्वपन दासगुप्ता को वित्त, तपस रॉय को उद्योग और दिलीप घोष को पंचायतीराज मंत्रालय की जिम्मेवारी सौंपी गयी है.
West Bengal Suvendu Adhikari Cabinet Portfolios: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के डेढ़ दशक पुराने शासन को उखाड़ फेंकने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पहली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने प्रशासनिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है. 41 कैबिनेट मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा (West Bengal Cabinet Portfolios) कर दिया गया है.
शुभेंदु ने अपने पास रखा गृह विभाग
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर अपनी सीधी और मजबूत पकड़ बनाये रखने के लिए सबसे रसूखदार विभाग गृह मंत्रालय (Home Department) अपने पास रखा है. बंगाल की कमान संभालते ही राज्य के विकास और आर्थिक पहिये को रफ्तार देने के लिए 2 सबसे बड़े दिग्गजों- स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्री (Finance Minister) और टीएमसी से आये वरिष्ठ नेता तपस रॉय को उद्योग मंत्री (Industries Minister) बनाया है.
स्वपन दासगुप्ता संभालेंगे बंगाल की तिजोरी
पूर्व राज्यसभा सांसद और रासबिहारी सीट से नवनिर्वाचित विधायक स्वपन दासगुप्ता को राज्य का नया वित्त मंत्री बनाया गया है. कर्ज के भारी बोझ तले दबे बंगाल को वित्तीय संकट से बाहर निकालना, राजस्व बढ़ाना और केंद्र सरकार के साथ मिलकर ‘डबल इंजन’ की वित्तीय नीतियों को जमीन पर उतारना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी.
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उद्योग विभाग के मंत्री बने तापस रॉय
तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कद्दावर नेता तपस रॉय को सूबे का नया उद्योग मंत्री नियुक्त किया गया है. टाटा नैनो के सिंगूर से जाने के बाद से बंगाल पर जो ‘उद्योग विरोधी’ ठप्पा लगा था, उसे मिटाना और संकराइल में अमूल के 650 करोड़ रुपए के मेगा प्लांट जैसी नयी निवेश परियोजनाओं को राज्य में आकर्षित करना अब पूरी तरह तपस रॉय के जिम्मे होगा.
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दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल को मिली अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दिल्ली और कोलकाता के बीच कई दौर की बैठकों के बाद तैयार की गयी इस लिस्ट में संगठन और प्रशासनिक संतुलन का खास ख्याल रखा है. जानें किस कद्दावर नेता को कौन सी जिम्मेदारी दी गयी है.
- दिलीप घोष (पंचायती राज व ग्रामीण विकास): भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और बंगाल में पार्टी को खड़ा करने वाले जुझारू नेता दिलीप घोष को पंचायतीराज मंत्रालय की कमान दी गयी है. ग्रामीण बंगाल में टीएमसी के पुराने सिंडिकेट राज की रीढ़ तोड़ना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना उनका मुख्य मिशन होगा.
- अग्निमित्रा पॉल (महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण): फायरब्रांड महिला नेता अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ समाज कल्याण मंत्रालय का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया है. राज्य में महिला सुरक्षा और केंद्रीय महिला कल्याणकारी योजनाओं (जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) को लागू करना उनकी प्राथमिकता होगी.
- नीशीथ प्रमाणिक (उत्तर बंगाल विकास और खेल मामले): केंद्रीय राजनीति से राज्य की सत्ता में लौटे नीशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास (North Bengal Development) और युवा व खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
- शिक्षा और स्वास्थ्य में मेकओवर : जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और दीपक बर्मन : इन दोनों नेताओं पर शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के मेकओवर की जिम्मेदारी होगी. इन्हें शिक्षा विभाग के अलग-अलग विंग्स सौंपे गये हैं, ताकि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके.
- शारद्वत मुखर्जी : बिधाननगर के विधायक शारद्वत मुखर्जी को राज्य का नया स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) बनाया गया है, जिन्हें सरकारी अस्पतालों की सूरत और स्वास्थ्य व्यवस्था को बदलने का टास्क मिला है.
- शंकर घोष और अर्जुन सिंह : सिलीगुड़ी के तेज-तर्रार नेता शंकर घोष को पर्यटन व संसदीय कार्य मंत्री और बैरकपुर के अर्जुन सिंह को परिवहन व श्रम मंत्रालय जैसी अहम कुर्सियां दी गयी हैं.
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West Bengal Suvendu Adhikari Cabinet Portfolios: 41 मंत्रियों को मिले विभाग
गत 1 जून को हुए भव्य कैबिनेट विस्तार में शपथ लेने वाले 35 मंत्रियों (13 कैबिनेट, 3 स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्य मंत्री) के साथ शुभेंदु सरकार मंत्रिपरिषद में 41 मंत्री हैं. मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बाद सरकार के कामकाज की रफ्तार में तेजी आने की उम्मीद है.
| श्रेणी और क्रम | मंत्री का नाम | विभाग |
|---|---|---|
| 1 | शुभेंदु अधिकारी | मुख्यमंत्री, गृह एवं पर्वतीय मामले, भूमि एवं भूमि सुधार तथा शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, बिजली, सूचना एवं संस्कृति, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार तथा अन्य सभी अविभाजित विभाग |
| कैबिनेट मंत्री | ||
| 2 | नीशीथ प्रमाणिक | उत्तर बंगाल विकास, जल संसाधन जांच एवं विकास |
| 3 | अशोक कीर्तनिया | खाद्य एवं आपूर्ति, सहकारिता |
| 4 | दिलीप घोष | पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि विपणन |
| 5 | खुदीराम टुडू | आदिवासी विकास, अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा |
| 6 | अग्निमित्रा पॉल | शहरी विकास एवं नगर निकाय मामले |
| 7 | दीपक बर्मन | स्कूल शिक्षा, आवास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा वस्त्र |
| 8 | तापस राय | उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम, सार्वजनिक उपक्रम एवं औद्योगिक पुनर्गठन, गैर-पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत |
| 9 | डॉ शंकर घोष | संसदीय कार्य, पर्यटन |
| 10 | मनोज कुमार उरांव | वन, पर्यावरण |
| 11 | अर्जुन सिंह | श्रम, परिवहन |
| 12 | गौरी शंकर घोष | पिछड़ा वर्ग कल्याण, जन शिक्षा विस्तार एवं पुस्तकालय सेवाएं |
| 13 | जगन्नाथ चट्टोपाध्याय | उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास |
| 14 | स्वपन दासगुप्ता | वित्त |
| 15 | डॉ कल्याण चक्रवर्ती | सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं उद्यानिकी |
| 16 | डॉ शारद्वत मुखर्जी | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
| 17 | अरूप कुमार दास | सिंचाई एवं जलमार्ग |
| 18 | डॉ अजय कुमार पोद्दार | जन स्वास्थ्य अभियंत्रण, लोक निर्माण |
| 19 | दूध कुमार मंडल | कृषि |
| राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) | ||
| 20 | मालती रावा रॉय | महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण, स्वयं सहायता समूह एवं स्वरोजगार, कार्यक्रम निगरानी |
| 21 | राजेश महतो | पशु संसाधन विकास, मत्स्य पालन |
| 22 | डॉ इंद्रनील खां | युवा कल्याण एवं खेल, उपभोक्ता मामले |
| राज्य मंत्री | ||
| 23 | जोयेल मुर्मू | आदिवासी विकास, सिंचाई एवं जलमार्ग |
| 24 | डॉ हरे कृष्ण बेरा | उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास |
| 25 | आनंदमय बर्मन | परिवहन, वित्त |
| 26 | अशोक डिंडा | कृषि विपणन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा वस्त्र |
| 27 | नदियार चंद्र बाउड़ी | लोक निर्माण, पिछड़ा वर्ग कल्याण |
| 28 | विशाल लामा | गृह एवं पर्वतीय मामले, अल्पसंख्यक मामले एवं मदरसा शिक्षा |
| 29 | शांतनु प्रमाणिक | खाद्य एवं आपूर्ति, पंचायत एवं ग्रामीण विकास |
| 30 | मौमिता विश्वास मिश्रा | उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी |
| 31 | उमेश राय | संसदीय कार्य, शहरी विकास एवं नगर निकाय मामले |
| 32 | पूर्णिमा चक्रवर्ती | सूचना एवं संस्कृति, पर्यटन |
| 33 | कौशिक चौधरी | स्कूल शिक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं |
| 34 | भास्कर भट्टाचार्य | जन स्वास्थ्य अभियंत्रण, श्रम |
| 35 | दिवाकर घरामी | सहकारिता, वन एवं पर्यावरण |
| 36 | अमिय किस्कू | खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं उद्यानिकी, कृषि |
| 37 | कलिता माझी | आवास |
| 38 | गार्गी दास घोष | बिजली, गैर-पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत |
| 39 | बिराज बिस्वास | विधि एवं न्याय, उत्तर बंगाल विकास |
| 40 | दीपांकर जाना | भूमि एवं भूमि सुधार तथा शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, सुंदरवन मामले |
| 41 | सुमना सरकार | स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण |
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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