1.5 लाख टन कोल की थी ओवररिपोर्टिंग पूरा करने को मिलाया ब्लैक डस्ट, उत्पादित कोयले की लूट

Updated at : 28 Apr 2025 9:28 PM (IST)
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1.5 लाख टन कोल की थी ओवररिपोर्टिंग पूरा करने को मिलाया ब्लैक डस्ट, उत्पादित कोयले की लूट

इसीएल के झांझरा प्रोजेक्ट में बड़ा कोयला घोटाला हुआ है. इस आशय का दावा सोमवार को भाजपा जिला कार्यालय में पार्टी के जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य ने किया. उनके मुताबिक भाजपा ने यह निर्णय लिया है कि नियमित अंतराल पर तृणमूल के सारे घोटालों की जानकारी मीडिया को ब्रेकिंग के रूप में दी जायेगी. जिसमें पहला यह कोयला घोटाला है. इस विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए पार्टी राज्य स्तर के नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि झांझरा प्रोजेक्ट में डेढ़ लाख टन कोयले की ओवररिपोर्टिंग हुई है.

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आसनसोल.

इसीएल के झांझरा प्रोजेक्ट में बड़ा कोयला घोटाला हुआ है. इस आशय का दावा सोमवार को भाजपा जिला कार्यालय में पार्टी के जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य ने किया. उनके मुताबिक भाजपा ने यह निर्णय लिया है कि नियमित अंतराल पर तृणमूल के सारे घोटालों की जानकारी मीडिया को ब्रेकिंग के रूप में दी जायेगी. जिसमें पहला यह कोयला घोटाला है. इस विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए पार्टी राज्य स्तर के नेता जितेंद्र तिवारी ने कहा कि झांझरा प्रोजेक्ट में डेढ़ लाख टन कोयले की ओवररिपोर्टिंग हुई है. यह कोयला स्थानीय तृणमूल नेता की संरक्षण में लूट ली गयी. इस कमी को पूरा करने के लिए उखड़ा की एक संस्था के माध्यम से मेजिया थर्मल पावर प्लांट से ब्लैक डस्ट लाकर कोयले के साथ मिलाया गया, ताकि नापी सही रहे. इस घोटाले को लेकर पुलिस आयुक्त से शिकायत की जाएगी और प्राथमिकी दर्ज करके जांच करने की अपील होगी. इसीएल के सीएमडी से विभागीय जांच करके कार्रवाई की मांग मांग की जाएगी और जांच चलने तक महाप्रबन्धक तथा एजेंट को क्लोज करने की अपील होगी. इतने पर भी यदि सही कार्रवाई नहीं होती है तो आगे सेंट्रल एजेंसी से जांच करवाने की अपील की जाएगी. भाजपा ने रेलवे साइडिंग में कोयले के साथ ब्लैक डस्ट मिलाने का 16.23 मिनट का एक वीडियो भी पत्रकार सम्मलेन में जारी किया. जिसकी सत्यता की पुष्टि प्राभात खबर नहीं करता है.

गौरतलब है कि इसीएल में अवैध कोयला खनन और करोबार को लेकर सीबीआइ ने स्वतः संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज की और जांच के बाद कार्रवाई की. जिसमें इसीएल के इसीएल के बड़े-बड़े अधिकारी, सीआइएसएफ के अधिकारी और स्थानीय कोयला कारोबारियों को लंबे समय तक जेल की हवा खानी पड़ी, इस मामले में अदालत ट्रायल शुरू हुआ है. इसीबीच भाजपा ने एक बड़ा कोयला घोटाला होने का आरोप लगाकर पत्रकार सम्मेलन किया. सोमवार को पत्रकार सम्मेलन में जिलाध्यक्ष श्री भट्टाचार्य और राज्य स्तर के नेता श्री तिवारी ने कहा कि तृणमूल के स्थानीय नेता के संरक्षण में यह घोटाला हुआ है. जिसमें महाप्रबंधक और एजेंट शामिल हैं. गड्ढा भरने के नाम पर मेजिया थर्मल पावर प्लांट से उखड़ा की संस्था से ब्लैक डस्ट मंगाया गया, यह डस्ट से गड्ढा भराई नहीं करके कोयले के साथ मिलाकर डेढ़ लाख टन की कमी को पूरा किया गया. यह कोयला रेलवे रैके के माध्यम से विभिन्न ग्राहकों को भेजा गया. नियम के अनुसार ग्राहक यदि कोयले की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत करता है तो उसकी जांच होती है और शिकायत की सत्यता पुष्टि होने पर कीमत में कटौती की जाती है. सीएमडी से यह अपील जाएगी कि झांझरा प्रोजेक्ट से जो कोयला भेजा गया है, उसमें कितनी शिकायतें मिली है. इसकी जांच होने से ही सच्चाई सामने आ जायेगी. यदि यहां सही से जांच नहीं होती है तो फिर सेंट्रल एजेंसियों को शिकायत की जाएगी. यह मामला गंभीर है. भ्रष्टाचार पर भाजपा जीरो टॉलरेंस नीति पर चल रही है. भ्रष्टाचार में लिप्त इसीएल के अधिकारी, बीएसएफ के अधिकारी, सीआइएसएफ के अधिकारी सभी की गिरफ्तारी हुई है.

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