नेपाल एयरलाइंस ने भारत के गलत नक्शे पर मांगी माफी, जम्मू-कश्मीर को दिखाया था पाकिस्तान का हिस्सा

Published by :Govind Jee
Published at :30 Apr 2026 12:21 PM (IST)
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Nepal airlines apologizes for wrong india map

नेपाल एयरलाइंस की तस्वीर.

Nepal Airlines: नेपाल एयरलाइंस ने भारत के गलत मैप पर मचे बवाल के बाद लिखित माफी जारी की है. एयरलाइन ने नेटवर्क मैप में जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया था, जिसे अब 'तकनीकी चूक' बताते हुए हटा लिया गया है. इस विवाद ने 1816 की सुगौली संधि और कालापानी जैसे पुराने सीमा विवादों को फिर चर्चा में ला दिया है.

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Nepal Airlines: नेपाल एयरलाइंस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ‘नेटवर्क मैप’ शेयर किया था. इस नक्शे में भारतीय सीमाओं के साथ छेड़छाड़ की गई थी और जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था. इसके अलावा भारत के कुछ अन्य हिस्सों को लेकर भी मैप में गलतियां थीं. सोशल मीडिया पर भारी विरोध होने के बाद एयरलाइन ने बुधवार को यह विवादित पोस्ट डिलीट कर दी और गुरुवार को अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली.

नेपाल एयरलाइंस की सफाई

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में नेपाल एयरलाइंस ने कहा कि उनसे नक्शे को लेकर बड़ी गलती हुई है. एयरलाइन के मुताबिक, यह नक्शा नेपाल सरकार या एयरलाइन के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाता है. उन्होंने बताया कि पोस्ट में ‘कार्टोग्राफिक एरर’ (नक्शा बनाने की गलती) थी, जिसे अब हटा लिया गया है. एयरलाइन अब इस बात की इंटरनल जांच कर रही है कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. उन्होंने भारत जैसे पड़ोसी देशों के साथ अपने रिश्तों को महत्वपूर्ण बताते हुए इस घटना पर खेद जताया है.

पुराना सीमा विवाद और सुगौली संधि

भारत और नेपाल के बीच करीब 1,800 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है. नेपाल का दावा है कि साल 1816 में हुई ‘सुगौली संधि’ के तहत काली (महाकाली) नदी के पूर्व के सभी इलाके नेपाल के हैं. इसमें लिपुलेख दर्रा, कालापानी और लिपियाधुरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं. नेपाल का कहना है कि इसी संधि के आधार पर उसकी पश्चिमी सीमा तय होती है. हालांकि, कालापानी जैसे रणनीतिक इलाकों में साल 1962 (भारत-चीन युद्ध) के बाद से ही भारतीय सेना तैनात है.

2020 में भी हुआ था बड़ा विवाद

नक्शे को लेकर विवाद 15 मई 2020 को भी चर्चा में आया था. तब नेपाल की तत्कालीन राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने कहा था कि नेपाल एक नया आधिकारिक नक्शा जारी करेगा, जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिपियाधुरा को अपना हिस्सा दिखाया जाएगा. इससे पहले भारत ने एक नया नक्शा जारी किया था जिसमें कालापानी को भारतीय क्षेत्र में दिखाया गया था, जिसका काठमांडू ने कड़ा विरोध किया था.

सड़क निर्माण पर छिड़ी थी रार

8 मई 2020 को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से लिपुलेख दर्रे को जोड़ने वाली एक सड़क का उद्घाटन किया था. यह सड़क कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए बनाई गई है. नेपाल ने इस पर आपत्ति जताई थी और वहां सुरक्षा पोस्ट बनाने की बात कही थी. इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि यह सड़क पूरी तरह से भारतीय क्षेत्र में आती है और इसमें किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं हुआ है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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