2030 तक 5000 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा डीवीसी: चेयरमैन सुरेश कुमार

Updated at : 30 Apr 2025 9:45 PM (IST)
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2030 तक 5000 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा डीवीसी: चेयरमैन सुरेश कुमार

डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) वर्ष 2030 तक 5000 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा. बुधवार को रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन (आरटीपीएस) के दूसरे चरण के कार्य की शुरुआत के लिए आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में डीवीसी के चेयरमैन एस सुरेश कुमार ने यह बात कही.

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पुरुलिया.

डीवीसी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन) वर्ष 2030 तक 5000 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा. बुधवार को रघुनाथपुर थर्मल पावर स्टेशन (आरटीपीएस) के दूसरे चरण के कार्य की शुरुआत के लिए आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में डीवीसी के चेयरमैन एस सुरेश कुमार ने यह बात कही. इस मौके पर जिला सभापति निवेदिता महतो, भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, विधायक नदियार चांद बाउरी, विधायक विवेकानंद बाउरी, आरटीपीएस के मुख्य परियोजना अधिकारी आरके समल सहित कई अधिकारी और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

एस सुरेश कुमार ने बताया कि आरटीपीएस के दूसरे चरण में 2620 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. इसके लिए लगभग 11,000 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना तैयार की जा रही है. उन्होंने उम्मीद जतायी कि वर्ष 2028 से इस प्लांट से उत्पादन शुरू हो जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि डीवीसी दुर्गापुर और बोकारो में 800 मेगावाट, जबकि चंद्रपुर और कोडरमा में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना पर भी काम शुरू करेगा. वर्ष 2030 तक डीवीसी की उत्पादन क्षमता वर्तमान की तुलना में लगभग दोगुनी हो जायेगी.

इसके अलावा, पंचेत, माइथन और तिलहिया सहित कई क्षेत्रों में डीवीसी 3500 मेगावाट सौर ऊर्जा का भी उत्पादन करेगा. सुरेश कुमार के अनुसार, इससे भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी मदद मिलेगी. उन्होंने बताया कि मार्च 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरटीपीएस के दूसरे चरण की आधारशिला रखी गयी थी. अब भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है.

राजनीतिक तनाव भी रहा मौजूद

कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो के भाषण पर तृणमूल कांग्रेस और माकपा के प्रतिनिधियों ने विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने भूतपूर्व सांसद वासुदेव आचार्य, जिन्होंने इस परियोजना की शुरुआत में अहम भूमिका निभायी थी, का नाम नहीं लिया. जबकि कार्यक्रम के दौरान वासुदेव आचार्य की मूर्ति का भी अनावरण किया गया.

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह एक गैर-राजनीतिक सरकारी कार्यक्रम था, लेकिन सांसद इसे राजनीति का मंच बना रहे हैं. विरोध स्वरूप वे लोग सभा स्थल से बाहर निकल आये. बाद में पत्रकारों से बातचीत में सांसद ने सफाई देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की प्रशासनिक बैठकों में भाजपा सांसदों और विधायकों को कभी आमंत्रित नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि वासुदेव आचार्य ने पहले चरण की योजना में योगदान दिया था, लेकिन अब यह दूसरा चरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सहायता से शुरू हो रहा है, जिससे यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल विकास कार्यों में अड़चन डालने के लिए नाटक करते हैं.

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