ट्रंप की सख्ती से कच्चे तेल में लगी आग, $120 के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

Published by :Soumya Shahdeo
Published at :30 Apr 2026 9:57 AM (IST)
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Brent Crude Oil Prices

ब्रेंट क्रूड ऑयल प्राइसेस (Photo: Freepik)

Brent Crude Oil Prices: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान पर नाकाबंदी जारी रहेगी. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें अब आम आदमी की जेब और ग्लोबल मार्केट का बजट बिगाड़ने वाली हैं.

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Brent Crude Oil Prices: दुनियाभर के तेल बाजारों में इस समय हड़कंप मचा हुआ है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गईं. इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान की ‘घेराबंदी’ जारी रखने की बात कही है. ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान अमेरिका की शर्तों पर परमाणु समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नौसैनिक नाकाबंदी खत्म नहीं होगी. 

क्यों अड़े हैं ट्रंप और क्या है उनकी रणनीति?

एक्सियोस (Axios) को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने इस नाकाबंदी को ईरान पर दबाव बनाने का सबसे बड़ा हथियार बताया. उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि यह नाकाबंदी बमबारी से कहीं ज्यादा असरदार साबित हो रही है और इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह घुट रही है. ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें बातचीत से पहले नाकाबंदी हटाने और समुद्री रास्ता खोलने की शर्त रखी गई थी. ट्रंप का सीधा संदेश है कि पहले अमेरिका की चिंताएं दूर करो, पाबंदियां बाद में हटेंगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत से हल नहीं निकला, तो वे सैन्य कार्रवाई पर भी विचार कर सकते हैं. 

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है. खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी संकरे रास्ते से होकर दुनिया के बाकी हिस्सों तक पहुंचता है. जब अमेरिका इस रास्ते की नाकाबंदी करता है, तो ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन टूट जाती है. सप्लाई कम और मांग ज्यादा होने की वजह से कीमतों में आग लग जाती है, जिसका सीधा असर भारत समेत उन तमाम देशों पर पड़ता है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इंपोर्ट पर निर्भर हैं. 

क्या कहती है एक्सपर्ट्स की चेतावनी?

मशहूर अर्थशास्त्री जेफ्री सैक्स ने इस स्थिति को लेकर दुनिया को आगाह किया है. FICCI लीजेंड सीरीज के दौरान उन्होंने कहा कि अगर यह संकट लंबा खिंचा, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था एक भयानक मंदी की चपेट में आ सकती है. सैक्स के मुताबिक, अभी बाजार इस उम्मीद में है कि सप्लाई की कमी दूर हो जाएगी, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो कीमतें अभी और ऊपर जाएंगी. यह भू-राजनीतिक तनाव सिर्फ तेल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे दुनिया के कई देशों में व्यापक आर्थिक अस्थिरता पैदा हो सकती है. फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों पर टिकी हैं. अगर हॉर्मुज का रास्ता जल्द नहीं खुला, तो पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें आम आदमी की जेब और ग्लोबल मार्केट का बजट बिगाड़ने के लिए काफी हैं. 

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Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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