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तंबाकू सेवन के खतरों से विशेषज्ञ ने किया आगाह

Updated at : 30 May 2025 11:51 PM (IST)
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तंबाकू सेवन के खतरों से विशेषज्ञ ने किया आगाह

युवा लोगों के बीच तंबाकू को अक्सर ग्लैमराइज किया जाता है. लेकिन वास्तविकता बिल्कुल अलग है.

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डॉ अभिषेक बोले : तंबाकू को कहें ना, अपनी मुस्कान, आत्मविश्वास व जीवन को बचायें दुर्गापुर. विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मद्देनजर शहर के बेनाचिती इलाके में स्थित एक दंत चिकित्सालय की ओर से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. विश्व तंबाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य मुख स्वास्थ्य पर तंबाकू के दुष्प्रभावों को लेकर आम जनता को शिक्षित करना तथा तंबाकू से उत्पन्न मुख संबंधी रोगों की पहचान और उनकी समय रहते रोकथाम सुनिश्चित करना था. कार्यक्रम के अंतर्गत लोगो की निःशुल्क जांच की गई.इसके साथ ही उन्हें तंबाकू से होने वाले स्वास्थ्य संकटों जैसे कैंसर, मसूड़ों की बीमारी, दांतों का क्षरण और सांस की बदबू इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. मौके पर उपस्थित अवध डेंटल कॉलेज और अस्पताल जमशेदपुर के एसोसिएट प्रोफेसर और ओरल पैथोलॉजी,एमडीएस डॉ. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हम विश्व तंबाकू निषेध दिवस मना रहे हैं, यह एक परेशान करने वाली सच्चाई पर प्रकाश डालने का समय है. तंबाकू के उपयोग और मौखिक कैंसर के बीच घातक संबंध जो भारत के लोगो खासकर युवाओं के जीवन को खतरे में डालती रहती है.

युवा लोगों के बीच तंबाकू को अक्सर ग्लैमराइज किया जाता है. लेकिन वास्तविकता बिल्कुल अलग है. तम्बाकू, चाहे धूम्रपान किया जाए या चबाया जाए, सिर्फ़ एक लत नहीं है; यह व्यक्तित्व को नष्ट करने वाला है.यह आपके दांतों पर दाग लगाता है, आपके होठों को काला करता है, आपकी सांसों से बदबू आती है, और अक्सर दिखने और जीवन शक्ति में गिरावट लाता है.समय के साथ, यह आपके आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को कम करता है.

छिपा हुआ खतरा, कैंसर से पहले के घाव

बहुत से युवा उपयोगकर्ता इस बात से अनजान हैं कि मुंह का कैंसर रातों-रात नहीं होता. यह चुपचाप ल्यूकोप्लाकिया (सफेद धब्बे), एरिथ्रोप्लाकिया (लाल धब्बे), या सबम्यूकोस फाइब्रोसिस (मुंह की परत का सख्त होना) जैसी कैंसर से पहले की स्थितियों के साथ शुरू होता है. इन शुरुआती संकेतों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, हानिरहित मानकर खारिज कर दिया जाता है, या इससे भी बदतर – शर्म में छिपा दिया जाता है.बिना इलाज के, ये कैंसर से पहले के घाव पूर्ण विकसित मुंह के कैंसर में विकसित हो सकते हैं, एक ऐसी बीमारी जो चेहरे को ख़राब कर सकती है, बोलने और खाने में बाधा डाल सकती है, और यहाँ तक कि मौत का कारण भी बन सकता है.

एक ऐसा विकल्प, जो सबकुछ बदल देता है

उन्होंने कहा कि युवा देश की धड़कन हैं जो भविष्य के उद्यमी, निर्माता, नेता और बदलाव लाने वाले हैं. सिगरेट या गुटखा के पैकेट को अपनी किस्मत तय न करने दें.तंबाकू को न कहना एक बेहतर जीवन के लिए हाँ कहना जो स्वास्थ्य, करिश्मा, ऊर्जा और उद्देश्य से भरा हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GANESH MAHTO

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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