दो अनशनकारी महिलाओं की हालत बिगड़ी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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बर्नपुर :आइएसपी के टनेल गेट पर मृत व मेडिकल अनफिट कर्मियों के आश्रितों को नियोजित करने की मांग के समर्थन में बेमियादी भूख हड़ताल बुधवार को भी तीसरे दिन जारी रही. साधना राय, पूनम कुमारी, मिठू मुखर्जी, रामा रानी सिंह, हेमंत देवी, किरन देवी, मनोज यादव, विरेश चंद्र नंदी, सोनू प्रसाद,प्रदीप नाथ, सचिन मिश्र, अमरजीत […]
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बर्नपुर :आइएसपी के टनेल गेट पर मृत व मेडिकल अनफिट कर्मियों के आश्रितों को नियोजित करने की मांग के समर्थन में बेमियादी भूख हड़ताल बुधवार को भी तीसरे दिन जारी रही.
साधना राय, पूनम कुमारी, मिठू मुखर्जी, रामा रानी सिंह, हेमंत देवी, किरन देवी, मनोज यादव, विरेश चंद्र नंदी, सोनू प्रसाद,प्रदीप नाथ, सचिन मिश्र, अमरजीत कौर, मंजू देवी, तुहिन कांति चटर्जी, विपद बरन दास सहित कुल 21 आश्रित अनशन पर है. स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अमरजीत कौर व पूनम कुमार को जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया है.
नेतृत्व कर रहे श्री यादव ने कहा कि नौकरी के नाम पर उनके साथ धोखा किया गया है. प्रबंधन से 18 अगस्त, 2010 को आरटीआइ के तहत जानकारी मांगी गयी थी. कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी भाष्कर कुमार ने बताया था कि 108 मृत कर्मियों के आश्रितों को नियोजित किया गया है.
उनकी सूची भी दी गयी थी. इस प्रावधान के रहते हुए भी इसे क्यों बंद कर दिया गया. इसकी जानकारी कोई अधिकारी नहीं दे रहा है. लगातार ज्ञापन सौंपने व गुहार लगाने के बाद भी कोई पहल न होने पर बेमियादी भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया गया. आइएसपी की सभी पांच केंद्रीय यूनियनों ने संयुक्त रूप से 12 मार्च, 2013 को प्रबंधन क ो ज्ञापन सौंपा था. प्रबंधन ने उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया. लेकिन कोई रिजल्ट नहीं निकला है. अनशनकारियों की हालत बिगड़ रही है. लेकिन प्रबंधन के स्तर से कोई पहल नहीं हो रही है. रात में स्ट्रीट लाइट बंद कर दी जाती है.
वैकल्पिक व्यवस्था में जेनरेटर रखा गया है. टाउन विभाग ने धूप से बचने के लिये पंडाल भी लगाने नहीं दिया. जिसके कारण महिलाएं भी धूप में जल रही हैं.
ऑयरन स्टील एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन (एसएमएस) के महासचिव मुमताज अहमद ने कहा कि 21 दिसंबर, 1989 में सीट मिल बंद होने के बाद आइएसपी प्रबंधन ने सकरुलर जारी किया था.
इसमें मृत व मेडिकल अनफिट कर्मियों के आश्रितों की नियुक्ति के प्रावधान को रद्द कर दिया गया था. सिर्फ दुर्घटना में मौत होने पर नियोजन का प्रावधान रखा गया. लेबर कमिशनर के पास शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. वर्ष 2006 में चासनाला, जीतनगर, रामनगर कोलियरी जब आइएसपी के तहत आ गयी तो उसमें भी इस तरह की बहाली बंद हो गयी. फरवरी, 2006 में मेडिकल इनवेलीटेशन बोर्ड (एमआइबी) में सात रोगों के आधार पर वर्ष 2009- 10 में नियोजन शुरू किया गया. प्रबंधन की शर्त के अनुसार यदि किसी भी कर्मचारी का नॉमिनी पीएफ तथा ग्रच्यूटी का पैसा नहीं लेगा. तो उसको सेल जमा कर एक निर्धारित सीमा तक सैलरी मुहैया करायेगा.
बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ (बीएमएस) के रवि शंकर सिंह कहा कि यूनियन को इस अनशन की जानकारी नहीं है. यूनियन का इस आंदोलन से कुछ लेना-देना नहीं है. जन संपर्क अधिकारी श्री कुमार ने कहा कि इसके बारे में पूरी जानकारी ली जायेगी. प्रबंधन के निर्देश पर उचित कार्रवाई की जायेगी. टाउन विभाग के महाप्रबंधक कौशल कुमार झा ने कहा कि टाउन विभाग के द्वारा स्ट्रीट लाइट बंद नहीं किया गया है. कोई तकनीकी खराबी आई होगी. उसे ठीक करा दी जायेगी. टाउन विभाग उन्हें बिजली की सप्लाइ नहीं कर सकता.
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