जिले में पांच माह में डेंगू से तीन की मौत, प्रशासन सकते में

तीनों मौतें आईक्यू सिटी अस्पताल में होने पर प्रशासन गंभीर रविवार को डेंगू से आरती की मौत उसके गांव में पसरा मातम 15 दिन पूर्व झारखंड से लौटने के बाद हुई बीमार, 11 दिन आईक्यू सिटी में इलाज के बाद गयी जान इलाज के दौरान 35 यूनिट रक्त चढ़ाया गया था, फिर भी नहीं बची […]
तीनों मौतें आईक्यू सिटी अस्पताल में होने पर प्रशासन गंभीर
रविवार को डेंगू से आरती की मौत उसके गांव में पसरा मातम
15 दिन पूर्व झारखंड से लौटने के बाद हुई बीमार, 11 दिन आईक्यू सिटी में इलाज के बाद गयी जान
इलाज के दौरान 35 यूनिट रक्त चढ़ाया गया था, फिर भी नहीं बची
आसनसोल/जामुड़िया : जिले में पिछले पांच माह में डेंगू से हुई तीन मौत को लेकर प्रशासन सकते में है. सितम्बर 2019 में दुर्गापुर के मायाबाजार पोरसा की निवासी नीलांजना गाईन (14), दिसम्बर 2019 में आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 31 अंतर्गत अकुरियापाड़ा निवासी राजेन्द्र सिंह (56) और रविवार को जामुड़िया प्रखण्ड के हिजलगोड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत दरबारडांगा निवासी आरती हेम्ब्रम (35) की मौत डेंगू से होने की पुष्टि हुई है.
तीनों ही मौत दुर्गापुर स्थित निजी अस्पताल आईक्यू सीटी में हुई. इसे लेकर प्रशासन ने अपने स्तर से जांच आरम्भ कर दी है. पहले की दोनों मौत की रिपोर्ट प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन से संग्रह कर लिया है. आरती की मौत की रिपोर्ट प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन से मांगा है. सूत्रों के अनुसार जल्द ही जिला से स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम आईक्यू सिटी अस्पताल का दौरा करेगी और डेंगू से मरे तीनों मरीजों की रिपोर्ट पर बारीकी से जांच करेगी.
सनद रहे कि रविवार को जामुड़िया प्रखंड के हिजलगोड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत दरबारडांगा गांव के आदिवासी पाड़ा की निवासी आरती हेम्ब्रम की मौत आईक्यू सिटी अस्पताल में हुई. अस्पताल की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुपर्णा सेनगुप्ता ने बताया कि आरती हेम्ब्रम की मौत डेंगू बीमारी के हुई है.
प्रशासन आया हरकत में, रक्त नमूना किया संग्रह
रविवार को आरती की मौत डेंगू से होने की पुष्टि आईक्यू सिटी प्रबंधन द्वारा किये जाने के बाद प्रशासन हरकत में आ गयी है. सोमवार को जामुड़िया प्रखण्ड के स्वास्थ्य विभाग कर्मी आदिवासी पाड़ा पहुंचकर स्थानीय लोगों का रक्त का नमूना संग्रह किया. प्रशासन यह जांच करने में जुटी है कि इस इलाके में डेंगू का कोई और मरीज तो नहीं है.
क्या है मामला
आरती हेम्ब्रम के पति मौसा हेम्ब्रम ने बताया कि उसकी पत्नी 29 दिसम्बर से बीमार थी. सिर दर्द व बुखार से पीड़ित थी और उसे उल्टी भी हो रही थी. इलाज के लिए उसे बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. चिकित्सक ने दवा तथा एक इंजेक्शन दिया. उसे घर वापस लाया गया. उसकी हालत सुधरने के बजाय और भी बिगड़ती गई. 31 दिसंबर को उसे दुर्गापुर के आइक्यू सिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया. जहां रक्त की जांच करने पर चिकित्सकों ने डेंगू से पीड़ित बताया. 11 दिन तक इलाज चलने के बाद रविवार सुबह उसकी मौत अस्पताल में ही हुई. मौसा ने बताया कि वह ईंट भट्ठा में ट्रैक्टर पर दिहाड़ी श्रमिक का कार्य करता है. उसकी पत्नी भी कभी कभार ईंट भट्ठा आया करती थी. वह लकड़ी काटने भी आस-पास के इलाकों में जाती थी. उसे डेंगू के मच्छर ने घर पर काटा या बाहर काटा है, यह नहीं बता सकते हैं.
आरती की मौत से पूरा परिवार बिखरने के कगार पर
आरती की तीन संताने हैं. बड़ी पुत्री अदूरी हेम्ब्रम (13) बीरकुल्टी हाई स्कूल में कक्षा सात में पढ़ती है. ग्यारह वर्षीय पुत्र गांव के प्राथमिक विद्यालय का छात्र है. सबसे छोटी छोटी पूर्णिमा हेंब्रम (5) आरती के साथ रहती थी. मां की मौत के बाद पूर्णिमा को मामा घर भेज दिया है. आरती की मौत की खबर पाकर उसके रिश्तेदार उसके घर पहुंच गए हैं. मौत को लेकर पूरे आदिवासीपाड़ा में शोक की लहर है.
क्या कहते हैं आदिवासी पाड़ा के लोग
दरबारडांगा ग्राम के आदिवासी पाड़ा में रहने वाले परेश मोदी, बानेश्वर सोरेन ने कहा कि ग्राम में साफ सफाई की काफी अभाव है. पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों का पानी सड़कों पर बहता है. दुर्गापूजा में सफाई हुई. उसके बाद से सफाई नहीं हुई. मालती हेम्ब्रम ने कहा कि नालियों में गंदा पानी जमने के कारण मच्छर पनपता रहता है. इसकी सफाई नहीं होने से नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है. मंगली हेंब्रम का कहना है कि कीटनाशक तथा ब्लीचिंग का छिड़काव कभी भी ग्राम में नहीं होती है. मच्छरों का भारी प्रकोप है . लक्खिकान्त ने कहा कि डेंगू से महिला की मौत के पश्चात स्वास्थ्य कर्मी ग्राम में पहुंचे हैं. जबकि इसके पहले कभी भी इनका दर्शन नहीं होता है.
साफ-सफाई का अभाव : करबी
हिजलगोड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत दरबार डांगा 12 नंबर ग्राम संसद नेत्री करबी बावरी ने स्वीकार किया कि गांव में साफ सफाई का अभाव है. पूरे वर्ष में सिर्फ दुर्गा पूजा के समय ही सफाई की जाती है. उसी समय एक बार ब्लीचिंग पावडर का छिड़काव होता है. ग्राम पंचायत प्रधान लखी हेम्ब्रम से बार-बार सफाई के लिए कहने के बावजूद भी साफ सफाई नहीं होती है.
रक्त सैंपल की जांच के बाद स्थिित साफ होगी : सीएमओएच
जिला के मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओएच) देबाशीष हालदार ने कहा कि आरती हेंब्रम की मौत डेंगू से हुई है या नहीं इसकी जांच दुर्गापुर आइक्यू सिटी अस्पताल से उसका ब्लड सैंपल संग्रह कर जांच के बाद ही कहा जा सकेगा. सोमवार को मृतिका के पति, घर के सदस्यों तथा उसके पड़ोसियों के रक्त जांच की गई. जिनमें किसी भी प्रकार के रोग नहीं पाया गया.
आरती 15 दिन पूर्व गयी थी झारखंड
आरती के घरवालों ने बताया कि 15 दिन पूर्व वह अपने लड़कों को लेकर अपने नाना घर झारखंड स्थित नाला गांव गई थी. वहां से वापस लौटने के तीन दिन पश्चात ही बुखार और उल्टी होने लगी. पहले उसे बहादुरपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. स्थिति खराब होते देख चिकित्सकों ने उसे आसनसोल जिला अस्पताल रेफर किया गया था. जिला अस्पताल के बजाय उसे रानीगंज स्थित रॉयल केयर अस्पताल ले जाया गया. वहां दाखिला न होने पर उसे दुर्गापुर के आइक्यू सिटी अस्पताल में दाखिल कराया गया था. इलाज के दौरान पिछले 11 दिनों में 35 यूनिट रक्त चढ़ाया गया था. इसके बावजूद उसकी मौत हो गयी.
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