दम तोड़ रहीं बच्चों को खेल-कूद से जोड़नेवाली संस्थाएं

नीरज श्रीवास्तव, दुर्गापुर : शहर में किसी जमाने में काफी संख्या में सब पेयेछिर आसर (बच्चो को खेल-कूद के लिए प्रेरित करने वाली संस्था) सक्रिय रहती थी. इस दौर में इन संस्थाओं ने दम तोड़ता शुरू कर दिया है. आधुनिक दौर में देशी पारंपरिक खेलों के प्रति बच्चों का इंट्रेस्ट कम हो रहा है. जिसके […]
नीरज श्रीवास्तव, दुर्गापुर : शहर में किसी जमाने में काफी संख्या में सब पेयेछिर आसर (बच्चो को खेल-कूद के लिए प्रेरित करने वाली संस्था) सक्रिय रहती थी. इस दौर में इन संस्थाओं ने दम तोड़ता शुरू कर दिया है. आधुनिक दौर में देशी पारंपरिक खेलों के प्रति बच्चों का इंट्रेस्ट कम हो रहा है. जिसके कारण संस्था की संख्या में लगातार कमी हो रही है. पहले अधिसंख्य गली-मोहल्ले के मैदानों में संचालित सव पेयेछिर आसर में बच्चों की धमाचौकड़ी के बीच भारतीय पारंपरिक खेलों की झलक दिखती थी. लेकिन भाग-दौड़ की इस ज़िंदगी में बच्चे मैदान से दूर हो रहे हैं. हालांकि कुछ लोग इन संस्थाओ को जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं.
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