प्रेमचंद की रचनाएं जीवंतता से बनी कालजयी

Updated at : 01 Aug 2019 1:50 AM (IST)
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प्रेमचंद की रचनाएं जीवंतता से बनी कालजयी

आसनसोल : मंडल रेल प्रबंधक सुमित सरकार की अध्‍यक्षता और राजभाषा वि‍भाग के तत्‍वावधान में कथा सम्राट प्रेमचंद की 140वीं जयंती बुधवार को मनायी गयी. अपर मंडल रेल प्रबंधक आरके बरनवाल और अति‍थि‍यों ने कथा-सम्राट प्रेमचंद की तस्‍वीर पर माल्‍यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित कि‍ये. राजभाषा अधि‍कारी डॉ मधुसूदन दत्त ने अतिथियों को सम्मानित किया. अपर […]

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आसनसोल : मंडल रेल प्रबंधक सुमित सरकार की अध्‍यक्षता और राजभाषा वि‍भाग के तत्‍वावधान में कथा सम्राट प्रेमचंद की 140वीं जयंती बुधवार को मनायी गयी. अपर मंडल रेल प्रबंधक आरके बरनवाल और अति‍थि‍यों ने कथा-सम्राट प्रेमचंद की तस्‍वीर पर माल्‍यार्पण और श्रद्धासुमन अर्पित कि‍ये. राजभाषा अधि‍कारी डॉ मधुसूदन दत्त ने अतिथियों को सम्मानित किया.

अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री मनीष ने स्वागत अभिभाषण दिया. साहि‍त्‍यि‍क परि‍चर्चा की शुरुआत करते हुए शांति‍नि‍केतन के डॉ सुभाष चंद्र राय ने प्रेमचंद की कहानी-कला और उनकी प्रासंगि‍कता पर उपयोगी व्‍याख्‍यान दिया. उन्होंने ‘मंत्र’ ‘बूढ़ी काकी’,’बड़े घर की बेटी’ ’एवं ‘ठाकुर का कुआं’ कहानियों के प्रसंग द्वारा प्रेमचंद की कालजयी प्रासंगि‍कता को प्रमाणि‍त कि‍या.
उनके जीवन संषर्ष को रेखांकि‍त करते हुए उनकी कहानि‍यों में उसके प्रति‍बिंबन को व्‍यख्‍यायि‍त कि‍या. पूर्व शिक्षक नवीन चंद्र सिंह तथा शिक्षक अवधेश कुमार ने ‘प्रेमचंद की भाषायी वि‍शेषता’ को उनकी कहानि‍यों के उद्धरणों और कथोपकथनों के माध्‍यम से सि‍द्ध कि‍या कि‍ वे कि‍तनी सहज और ग्राह्य भाषा के हि‍मायती थे.
मंडल रेल प्रबंधक श्री सरकार ने आसनसोल स्‍टेशन में आयोजि‍त पांचदि‍वसीय हिंदी कार्यशाला के सत्रांत परीक्षा में सफल छह प्रति‍भागि‍यों और मंडल के वि‍भि‍न्‍न स्‍टेशनों में हिंदी माध्‍यम से सरकारी कामकाज नि‍पटाने वाले 16 कार्मिकों को प्रशस्‍ति – ‍पत्र और नकद पुरस्‍कार प्रदान कर सम्‍मानि‍त कि‍या.
उन्होंने कहा कि‍ प्रेमचंद जयंती पर इतने शानदार आयोजन के लि‍ए राजभाषा वि‍भाग बधाई का पात्र है. उन्‍होंने प्रेमचंद की समकालीन प्रासंगि‍कता के साथ-साथ तत्‍कालीन नजरुल इस्‍लाम, गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर आदि‍ साहि‍त्‍यकारों की रचनाओं के मानवीय प्रसंगों को चि‍त्रि‍त कि‍या.
सरकारी कार्यों में हिंदी के प्रति गतिशीलता लाने के लिए उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने तथा हास्य कवि सम्मेलन के आयोजन कराए जाने का भी आदेश दिया. संचालन राजभाषा अधिकारी डॉ दत्त ने किया. आयोजन में राजभाषा विभाग के वरिष्ठ अनुवादक दिलीप कुमार पासवान, भारत भूषण पाण्डेय, कनिष्ठ अनुवादक पुरूषोत्तम कुमार गुप्ता एवं संजय राउत सक्रिय रहे.
वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) कौशलेन्द्र कुमार, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी हरिहर पाल, वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर अजय कुमार, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिषेक केसरवानी, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सीएम मि‍श्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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