सावधान! दो सौ, दो हजार के नोट गंदे हुए तो बदल नहीं पायेंगे आप

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 May 2018 4:27 AM

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आसनसोल : अगर आपके पास 200 और 2000 रूपये के गंदे या कटे-फटे नोट हैं तो इसका नुकसान आपकों ही उठाना पड़ सकता है. ये नोट न तो बैंकों में बदले जा सकेंगे और न ही बैंक इन नोटों को जमा करेगा. भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि 200 और 2000 रूपये के नोट […]

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आसनसोल : अगर आपके पास 200 और 2000 रूपये के गंदे या कटे-फटे नोट हैं तो इसका नुकसान आपकों ही उठाना पड़ सकता है. ये नोट न तो बैंकों में बदले जा सकेंगे और न ही बैंक इन नोटों को जमा करेगा. भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि 200 और 2000 रूपये के नोट अब बैंकों में नहीं बदले जायेंगे.
रिजर्व बैंक ने करेंसी नोटों के एक्सचेंज से संबंधित नियमों के दायरे में इन नोटों को नहीं रखा है. कटे –फटे या गंदे नोटों के एक्सचेंज का मामला रिजर्व बैंक के नोट रिफंड नियम के तहत आता है जो रिजर्व बैंक एक्ट के सेक्शन 28 का हिस्सा है. इस एक्ट में पांच, दस, 100, 500 तथा एक हजार रूपये के करेंसी नोटों का उल्लेख है.
लेकिन 200 और 2000 रूपये के नोटों को स्थान नहीं दिया गया है. ज्ञात हो कि दो हजार रूपये के नोट आठ नवंबर, 2016 को हुयी नोटबंदी के बाद जारी किये गये थे. जबकि 200 रूपये के नोट अगस्त, 2017 में जारी किये गये थे. रिजर्व बैंक से मिली जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी की नयी सीरीज वाले नोटों के आकार में बदलाव के कारण एमजी सीरीज में कटे-फटे और गंदे नोटो की अदला-बदली मौजूदा नियमों के तहत नहीं हो सकती है.
मामला सरकार के पास लंबित
भारतीय रिजर्व बैंक के सूत्रों ने कहा कि फिलहाल 200, 500 और 2000 रूपये के ऐसे नोट, जो गंदे या कटे-फटे हैं, उन्हें नहीं बदला जा रहा है. नये प्रावधान के लिए मामला सरकार के पास लंबित है. इसके लिए रिजर्व बैंक नोट रिफंड नियम में संशोधन की जरूरत है. मिली जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक ने सात माह से दो हजार रूपये के नोटों की छपाई भी अब बंद कर दी है.
सरकार जल्द लेगी इस पर फैसला
भारतीय स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत सिंह ने बताया कि इससे लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. यह प्रावधान कुछ समय के लिए ही है. रिजर्व बैंक ने सरकार के पास नियम में संशोधन के लिए पत्र लिखा है. उम्मीद है कि इस पर सरकार जल्द कोई फैसला लेगी. उन्होंने कहा कि अगर प्रावधान में जल्द बदलाव नहीं किया गया तो बैंक और लोगों की परेशानियां शुरू हो सकती है.
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