दो दिनों की परीक्षा के प्रश्न एक ही पेपर में

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प्रश्न पत्र लीक होने के कारण 31 की परीक्षा हो सकती है स्थगित केएनयू के स्तर से लगातार हो रही लापरवाही से परीक्षार्थी परेशान कभी मिलते है आधे- अधूरे प्रश्न तो कभी होते है गलत अनुवाद आसनसोल : काजी नजरूल विश्वविद्यालय (केएनयू) के अधीन कॉलेजों में चल रहे तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान शनिवार […]

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प्रश्न पत्र लीक होने के कारण 31 की परीक्षा हो सकती है स्थगित

केएनयू के स्तर से लगातार हो रही लापरवाही से परीक्षार्थी परेशान
कभी मिलते है आधे- अधूरे प्रश्न तो कभी होते है गलत अनुवाद
आसनसोल : काजी नजरूल विश्वविद्यालय (केएनयू) के अधीन कॉलेजों में चल रहे तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान शनिवार को स्नातक स्तरिय प्रोग्राम इतिहास के कोर पेपर के साथ 31 जनवरी को होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्र लिक हो जाने से परीक्षार्थियों में काफी आक्रोश है. शनिवार की परीक्षा के दौरान इतिहास कोर पेपर के द कोलोनियल इंपेक्ट आन इंडियन इकॉनोमी एंड सोसाईटी के प्रश्न पत्र के साथ 31 जनवरी को होने वाली परीक्षा के प्रश्न पत्र ‘द मेकिंग ऑफ इंडियन फोरेग्न पॉलिसी’ के प्रश्न भी छप जाने से बीबी कॉलेज के हिंदी शिफ्ट के परीक्षार्थी भारी असमंजस में पड़ गये. बीबी कॉलेज के हिंदी शिफ्ट के परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र बीसी कॉलेज में दिया गया है.
शनिवार की परीक्षा के प्रश्न पत्र में 31 जनवरी के अग्रिम विषय के प्रश्न पत्र छापे जाने का परीक्षार्थियों ने जोरदार विरोध करते हुए काजी नजरूल विश्वविद्यालय पर परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड करने का आरोप लगाया. नाराज परीक्षार्थियों ने कहा कि केएनयू स्तर से कॉलेजों में भेजे जाने वाले प्रश्न पत्रों में त्रुटि कोई पहली बार नहीं हुई है. केएनयू स्तर से यह बारंबार हो रहा है. कभी अगले दिन का प्रश्न पत्र निर्धारित परीक्षा तिथि के पहले ही मिल जाता है. कभी आधे- अधूरे प्रश्न पत्र मिलते हैं. कुछ प्रश्नों में उक्त विषय के सिलेबस के बाहर के प्रश्न छाप दिये जाते हैं. परीक्षार्थियों ने कहा कि हिंदी शिफ्ट के स्टूडेंटसों के साथ विश्वविद्यालय प्रबंधन गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है. यह सरासर लापरवाही का मामला है.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में हिंदी शिफ्ट के स्टूडेंटस की समस्या को न कोई सुनने वाला है न कोई मदद करने वाला है. शिक्षकों से शिकायत करने पर वे अपने अपने स्तर से तर्क देकर पल्ला झाड लेते हैं. एक परीक्षार्थी ने कहा प्रश्न पत्र लिक होने से परीक्षा रदद कर दी जाती है. जिससे संबंधित विषय की तैयारी करने वाले स्टूडेंटस को परेशानी का सामना करना पडता है ओर फिर से तैयारी करनी पडती है.
बीबी कॉलेज के एक अध्यापक ने कहा कि केएनयू स्तर से प्रश्न पत्रों को छापने में लगातार त्रुटियां देखने को मिल रही हैं. हिंदी शिफ्ट के स्टूडेंटस लगातार इसके शिकार हो रहे हैं और अध्यापकों से इसकी शिकायते कर रहे हैं. इससे स्टूडेंटस का मनोबल टूट रहा है. विश्वविद्यालय के लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैया का खामियाजा स्टडेंटस को भुगतान पड रहा है. केएनयू स्तर से अंग्रेजी से हिंदी में प्रश्नों का सठीक अनुवाद न होने से प्रश्न का पूरा मतलब ही बदल जाने से परीक्षार्थी प्रश्नों को समझ नहीं पा रहे हैं. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा हिंदी शिफट के जून जूलाई माह के परीक्षा के दौरान अंग्रेजी के सिविल वार शब्द का अनुवाद नागरिक युद्ध कर दिये जाने से हिंदी शिफ्ट के परीक्षार्थी असमंजस में पड गये. जबकि उनके सिलेबस में सिविल वार से संबंधित कोई विषय वस्तु का अस्तित्व ही नहीं है. उन्होंने कहा कि सिविल वार का सही अनुवाद गृह युद्ध होना था. जबकि नागरिक युद्ध छाप दिये जाने से हिंदी शिफट के परीक्षार्थी उस प्रश्न का उत्तर जानते हुए भी उसे छोड़ देने को विवश हुए थे.
केएनयू के कुलपति डॉ साधन चक्रवर्ती से फोन पर बात नहीं हो सलकी. उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
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