अस्पताल में तोड़फोड़, मारपीट

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मरीज की मौत के बाद भड़के परिजनों ने किया हंगामा मैनेजर समेत चार घायल, चार हिरासत में पुलिस ने घटनास्थल से दो वाहनों को िकया जब्त पानागढ़ : पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना अंतर्गत राजबांध स्थित गौरी देवी अस्पताल में मरीज की मौत की खबर सुन भड़के परिजनों ने तृणमूल नेत्री के नेतृत्व में […]

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मरीज की मौत के बाद भड़के परिजनों ने किया हंगामा

मैनेजर समेत चार घायल, चार हिरासत में
पुलिस ने घटनास्थल से दो वाहनों को िकया जब्त
पानागढ़ : पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा थाना अंतर्गत राजबांध स्थित गौरी देवी अस्पताल में मरीज की मौत की खबर सुन भड़के परिजनों ने तृणमूल नेत्री के नेतृत्व में अस्पताल में बवाल मचाते हुये जमकर तोड़फोड़ की. अस्पताल के मैनेजर तथा सुरक्षा गार्डों पर भी हमला किया गया. हमले में चारों घायल हो गये हैं. अस्पताल में शोर-शराबा सुनकर स्थानीय िनवासी पहुंचे. िनवासियों को एकत्रित होता देख परिजनों के साथ पहुंचे लोग फरार हो गये. चार को स्थानीय िनवासियों ने भागते समय ही पकड़ लिया. बाद में पुिलस के पहुंचने पर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने चारों को हिरासत में लिया है.
इस दौरान हमलावरों के दो वाहनों को भी जब्त किया गया है. मौके पर पहुंची कांकसा थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया. अभियुक्तों के खिलाफ अस्पताल प्रबंधन ने थाने में अभियोग दायर करने की बात कही है.
अस्पताल के मैनेजर शुभ्र शंकर भट्टाचार्य ने बताया कि िपछले वर्ष दो दिसंबर को आसनसोल निवासी राजेश यादव(37) को ब्रेन और शरीर मे इंफेक्शन होने पर चिंताजनक अवस्था में परिजनों ने अस्पताल में भर्ती किया था. रविवार की मध्य रात को उसकी मौत हो गयी. परिजनों को रात में ही सूचना दे दी गयी थी. सुबह 11 बजे के करीब मृतक के परिजन दल बल के साथ अस्पताल में पहुंचे. उनके साथ जो लोग थे, उनके हाथों में लाठी, डंडा, पंचर, अस्त्र शस्त्र आदि थे. तृणमूल नेत्री रेखा सिंह उनका नेतृत्व कर रही थी. अस्पताल कर्मी कुछ समझ पाते इससे पहले ही 50-60 की संख्या में पहुंचे लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी. हंगामा करते हुये वे मेरे कार्यालय तक पहुंच गये. सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उन पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया. मुझ पर भी हमला किया गया. किसी तरह खुद को उनसे बचाया लेकिन बचाव में कई जगह चोटें आई हैं.
अस्पताल के अधिकारी संजीव सिंह ने बताया कि चार दिन पहले ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया था. परिजनों ने जो चेक िदया था वह भी बाउंस हो गया था. एक लाख 80 हजार रुपये बिल बकाया था. बार-बार पेशेंट को ले जाने की बात कहने पर परिजन आज-कल कर रहे थे. रविवार की रात उसकी मौत हो गयी. परिजनों को रात में ही इसकी सूचना दी गई. सुबह वे दल बल के साथ पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी. हमलावरों ने कांच के गेट को तोड़ दिया. घटना में अस्पताल के मैनेजर और तीन सुरक्षा गार्ड घायल हुये हैं. मामले को लेकर थाने में अभियुक्तों के खिलाफ मामला दायर किया जायेगा. स्थानीय निवासियों के हस्तक्षेप के कारण ही हमलावर भागे.
तोड़फोड़ में संलिप्तता से रेखा का इंकार
पश्चिम बर्दवान जिला महिला तृणमूल की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा सिंह ने कहा कि गौरी देवी अस्पताल में हुई तोड़-फोड़ में शामिल लोगों से उनका कोई सरोकार नहीं है. अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में तोड़फोड़ में शामिल लोगों की शिनाख्त कर जरूरी कार्रवाई करे. उन्होंने कहा कि उनके वार्ड निवासी राजेश यादव उर्फ गुल्लू 15 दिनों से अस्पताल में भरती थे. उनके परिजनों ने उन्हें बताया कि रात को उनकी मृत्यु हो गयी. वे उनके परिजनों के साथ सोमवार को अस्पताल पहुंची तो देखा अस्पताल में तोड़फोड़ हो रही है.
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