राहत देनेवाला है जीएसटी में संशोधन, व्यापारियों में उत्साह

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संशोधन से व्यवसािययों ने ली राहत की सांस, की सराहना दुर्गापुर. भारत सरकार द्वारा विगत एक जुलाई को देश में लागू जीएसटी ने व्यवसाय जगत में जो हडकंप पैदा कर दिया था, उससे राहत देने के लिये हाल के दिनों में जो संशोधन के लिये सरकार ने पहल की है, उससे व्यापािरयों में उत्साह है. […]

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संशोधन से व्यवसािययों ने ली राहत की सांस, की सराहना
दुर्गापुर. भारत सरकार द्वारा विगत एक जुलाई को देश में लागू जीएसटी ने व्यवसाय जगत में जो हडकंप पैदा कर दिया था, उससे राहत देने के लिये हाल के दिनों में जो संशोधन के लिये सरकार ने पहल की है, उससे व्यापािरयों में उत्साह है.
जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्री द्वारा छोटे व्यापारियों को जीएसटी में राहत देने सहित अन्य कई घोषणाएं की गईं. वित्त मंत्री की घोषणा के बाद शिल्पांचल दुर्गापुर व इसके आसपास के छोटे कारोबारियों में उत्साह देखा गया. सभी वर्ग के छोटे-बड़े व्यापारियों ने सरकार के फैसले की सराहना की.
सरकार के 75 लाख तक के टर्न ओवर की सीमा को बढ़ा कर एक करोड़ कर दिये जाने के फैसले से सभी तरह के व्यापारियों को राहत मिली है. वहीं व्यापारियों ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा जो तीन महीने पर कुल बिक्री का एक फीसद कर जमा करने की घोषणा की गई है, यह सबसे अच्छा कदम है. वहीं आभूषण व्यवसायियों को जीएसटी नोटिफिकेशन के दायरे से बाहर रखने के फैसले को सराहते हुए व्यवसायियों ने नये नोटिफिकेशन के इंतजार करने की बात कही. संशोधन का स्वागत हर क्षेत्र के व्यवसायी कर रहे हैं.
राहत से उत्साहित व्यवसायी वर्ग सरकार से अर्ज कर रहा है िक कम्पोजिशन स्कीम के टारगेट को यदि ढाई करोड तक बढ़ा दिया जाता तो बाजार के साथ-साथ व्यापारी भी बेहतर महसूस करते. भारत सरकार की जीएसटी के माध्यम से व्यवसाय जगत को दी गई मौजूदा राहत पर कुछ व्यवसायियों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं व्यक्त की है.
शहर के जाने-माने व्यवसायी राकेश भट्टड़ का कहना है कि व्यवसाय जगत के लिए सरकार की यह पहल राहत देने वाली है. सकल आवर्त की सीमा डेढ़ करोड तक करने का फैसला टेंशन कम करने वाला है. कम्पोजिशन स्कीम के टारगेट की सीमा को ढाई करोड़ तक किया जाता है, तो यह व्यवसाय जगत को काफी राहत देने वाला होगा.
स्वर्ण व्यवसायी राजकुमार साह का कहना है िक जीएसटी परिषद की बैठक में लिये गये निर्णय से व्यवसायियों में उत्साह है. आभूषण व्यवसाय को जीएसटी नोटिफिकेशन के दायरे से बाहर कर दिया गया है.
इसके अलावा 50 हजार रुपये तक के जेम्स व ज्वेलरी की खरीद पर पैन की अनिवार्यता खत्म करने का फैसला सबसे अच्छा है. आभूषण व्यवसाय में दो लाख तक खरीदारी में पैन कार्ड से छूट से व्यवसाय में राहत अच्छी पहल है. व्यवसाय मुख्यत: छोटे ग्राहकों से चलता है. बड़े ग्राहकों का आगमन तो कभी कभार होता है. सरकार के मौजूदा पहल से छोटे ग्राहकों और व्यवसायी दोनों को राहत मिला है.
थोक व्यवसायी संजय अग्रवाल का कहना है िक संशोधित जीएसटी में मासिक रिटर्न से डेढ़ करोड के व्यवसाय के टर्न ओवर तक के व्यवसायियों को बड़ी राहत मिली है. अन्य तरह की छूट का भी लाभ व्यवसाय जगत के हित में है.
सरकार का यह पहल स्वागत योग्य है. तीन महीने पर कुल बिक्री का एक फीसद कर जमा कर विवरणी दाखिल करने के फैसले से व्यसायियों को सबसे बड़ी राहत मिली है. इससे व्यवसायियों को व्यर्थ की भागदौड व परिश्रम से छुटकारा मिल जायेगा. प्रत्येक महीने इसकी चिंता बनी रहती थी.
व्यवसायी विजय अग्रवाल का कहना है िक 75 लाख के टर्नओवर की सीमा बढ़ा कर एक करोड कर दिया गया. इससे व्यवसायियों को बड़ी राहत मिलेगी.
इससे अब तक इसमें 75 लाख तक के कारोबार करने वाले व्यापारी आते थे, लेकिन अब एक करोड़ का कारोबार करने वाले कारोबारी आयेंगे. मासिक रिटर्न के लफड़े से मिली छूट का निर्णय स्वागत योग्य कदम है. महंगाई को कम करने के लिए सरकार यदि कुछ और फैसला लेती है तो आम आदमी को भी राहत मिल सकती है.
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