छह से पितृपक्ष की हो रही शुरुआत, 20 तक चलेगा श्राद्ध

Updated:
विज्ञापन

दुर्गापुर : आगामी छह सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहा है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार पितृ पक्ष की अवधि 15 दिनों तक रहेगी. पितरों के लिए किये जाने वाले सभी कार्यों को श्रद्ध कहते हैं. श्रद्ध को ही पितरों का यज्ञ कहते हैं. पितृपक्ष के दौरान ज्यादातर हिंदू अपने पितरों को श्रद्धांजलि देते […]

विज्ञापन
दुर्गापुर : आगामी छह सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहा है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार पितृ पक्ष की अवधि 15 दिनों तक रहेगी. पितरों के लिए किये जाने वाले सभी कार्यों को श्रद्ध कहते हैं. श्रद्ध को ही पितरों का यज्ञ कहते हैं. पितृपक्ष के दौरान ज्यादातर हिंदू अपने पितरों को श्रद्धांजलि देते हैं.
जिसमें उन्हें खाना अर्पित किया जाता है. पितृपक्ष को श्रद्ध और कनागत भी कहा जाता है, जो अक्सरहां भाद्र पक्ष महीने में अनंत चतुर्थी के बाद आता है. श्रद्ध छह सितंबर से शुरू होकर 20 सितंबर तक चलेंगे. हिन्दू धर्म में श्रद्धों को काफी अहमियत है. माना जाता है कि श्रद्ध कर अपने पितरों को मृत्यु के चक्र से मुक्त कर उन्हें मोक्षप्राप्त करने में मदद मिलती है. इसके माध्यम से वर्तमान पीढ़ी अपने पूर्वजों और मृत रिश्तेदारों के प्रति अपना कर्ज चुकाती है.
श्राद्ध करते समय ध्यान रखने वाली तीन बातें
आमतौर पर बड़े बेटे या परिवार के बड़े सदस्य द्वारा ही श्रद्ध किया जाता है. इस दौरान हमेशा तीन चीजों को ध्यान में रखे. जिसमें अधार्मिकता, चिड़चिड़ापन और गुस्सा पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए अशुभ है.
दो ब्राह्मणों को भोजन, नये वस्त्न, फल, मिठाई और दक्षिणा दान करना चाहिए. अपने पूर्वजों को जो कुछ भी दिया जाता है, वह पूर्वजों तक पहुंच जाता है. इसके अलावा श्रद्ध करने से पूर्वजों का आशीर्वाद भी मिलता है, जिससे घर में खुशहाली रहती हैं. पंडित भारत पांडेय ने बताया कि वर्ष 2016 के बाद इस वर्ष 2017 में भी सोलह श्रद्ध 15 दिनों के होगें. छह सितंबर को सूर्योदय से पूर्णिमा होने से सुबह पूर्णिमा का श्रद्ध होगा. इस दिन 12.30 पर प्रतिपदा लग जायेगी. इसके चलते कई लोग इस दिन प्रतिपदा का श्रद्ध भी कर सकते हैं, क्योंकि श्रद्ध पूजन और ब्राह्मण भोज का समय दिन का है. पितृपक्ष का एक दिन कम होगा. कुछ पंडित बीच में पंचमी तिथि को क्षय बता रहे हैं.
इस तरह पितृ पक्ष का पूरा दिन घटने से श्रद्ध के पूरे 16 दिन नहीं होंगे. पितृपक्ष में कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, नामकरण, गृह प्रवेश आदि वजिर्त माना गया है. हिन्दू धर्म में माता-पिता की सेवा का विशेष महत्व है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola