25 फीसदी एमजीबी पर अड़ी यूनियनें

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पांच हजार करोड़ के पैकेज का अंतिम प्रस्ताव दिया प्रबंधन प्रतिनिधियों ने यूनियन से सहमति जताने के लिए प्रबंधन ने रखी कई कठिन शर्तें बैठक में घाटेवाली खदानों की होगी बंदी, सनडे, ओटी में भी की जायेगी विशेष कटौती आसनसोल : जेबीसीसीआई-10 की दोदिवसीय बैठक के अंतिम दिन शुक्रवार को सेवानिवृत कर्मचारियों के पेंशन देने […]

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पांच हजार करोड़ के पैकेज का अंतिम प्रस्ताव दिया प्रबंधन प्रतिनिधियों ने
यूनियन से सहमति जताने के लिए प्रबंधन ने रखी कई कठिन शर्तें बैठक में
घाटेवाली खदानों की होगी बंदी, सनडे, ओटी में भी की जायेगी विशेष कटौती
आसनसोल : जेबीसीसीआई-10 की दोदिवसीय बैठक के अंतिम दिन शुक्रवार को सेवानिवृत कर्मचारियों के पेंशन देने के मुद्दे पर अंतिम मुहर लग गयी. प्रबंधन ने श्रमिक संगठनों के कर्मचारियों को न्यूनतम एक हजार रु पये पेंशन देने की मांग को स्वीकार कर लिया. कोल इंडिया मुख्यालय में कंपनी के चेयरमैन सुतीर्थ भट्टाचार्य की अध्यक्षता में हुई बैठक के अंतिम दिन पेंशन योजना को मंजूरी दे दी गयी. इसके साथ ही बैठक के दौरान श्रमिक यूनियनों की ओर से वेतन में 25 प्रतिशत से अधिक वृद्धि करने का प्रस्ताव पेश किया गया है.
यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि जेबीसीसीआइ-10 की बैठक में कोल इंडिया के कर्मियों के वेतन में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गयी थी, इसलिए जेबीसीसीआई-10 की अवधि में भी वेतन में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करनी होगी. जेबीसीसीआइ की दो दिवसीय बैठक कोल इंडिया मुख्यालय में गुरु वार को शुरू हुई थी. पहले दिन प्रबंधन ने मिनिमम गांरटी बेनीफिट (एमजीबी) में 18.20 प्रतिशत का ऑफर दिया, जिसे यूनियन नेताओं ने एक स्वर से नकार दिया था और यूनियनों ने कहा है कि 25 प्रतिशत से कम किसी सूरत में मंजूर नहीं होगा. बैठक के दौरान वेतन बढ़ोतरी के पहले प्रबंधन ने यूनियनों के समक्ष खर्चे कम करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि अगर उनके प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है तो वेतन वृद्धि कुछ हद तक बढ़ायी जा सकती है.
बैठक के दूसरे दिन प्रबंधन की ओर से वेतन समझौता को लेकर कई प्रस्ताव दिये गये. प्रबंधन ने कहा कि देश के अन्य पब्लिक सेक्टर के वेतन व भत्तों का अनुसरण करते हुए न्यूनतम लाभ बेसिक व महंगाई भत्ता को जोड़ कर दिया जायेगा. इसके अलावा नौवा वेतन समझौता के विशेष भत्ता को भी मूल वेतन से भी जोड़ा जायेगा. हाजिरी बोनस, विशेष महंगाई भत्ता एवं विशेष भत्ता को समाहित कर 16 फीसदी तक रखा जायेगा.
प्रबंधन द्वारा पूर्व की बैठक में वेज व भत्ते को लेकर तीन हजार करोड़ का प्रस्ताव दिया गया था, हालांकि प्रबंधन ने अनौपचारिक रूप में से अधिकतम चार हजार करोड़ रु पये तक देने की बात कही है. लेकिन साथ ही प्रबंधन ने बताया कि इसमें पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकेयर स्कीम में 164 करोड़, पेंशन मद में 923 करोड़ और वेतन व भत्ता में 1923 करोड़ का प्रस्ताव है. बैठक में कोल इंडिया के प्रभारी कार्मिक निदेशक आरआर मिश्र, सीआइएल के वित्त निदेशक सीके डे, तकनीकी निदेशक एस शरण, इसीएल के सीएमडी एस चक्रवर्ती, एसइसीएल के सीएमडी बीआर रेड्डी, एमसीएल के सीएमडी एके झा, एनसीएल के सीएमडी तापक कुमार नाग, एनसीएल की कार्मिक निदेशक शांतिलता साहू, इसीएल के कार्मिक निदेशक केएस पात्र, एससीसीएल के सीएमडी एन श्रीधर, कार्मिक निदेशक जे पवित्रण कुमार, यूनियन प्रतिनिधियों में बीएमएस के डॉ बीके राय, प्रदीप दत्ता, बीके राय, वाइएन सिंह, बिंदेश्वरी प्रसाद, ए श्रीनिवास राय, एल जगनमोहन, लक्ष्मण चन्द्रा, सीटू के डीडी रामनंदन, वंशगोपाल चौधरी, जेएस सोढ़ी, एचएस बेग, मानस चटर्जी, एटक के रमेंद्र कुमार, सीतारमैय्या वी, आरसी सिंह, लखनलाल महतो, अशोक कुमार दूबे, एचएमएस के राजेन्द्र प्रसाद सिंघा, उमा शंकर सिंह, एसके पांडेय, रियाज अहमद, राघवन रघुनंदन, राजेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे. एचएमएस के नाथुलाल पांडेय, संजीव सिंह व सीटू के बी चौधरी विभिन्न कारणों से अनुपिस्थत रहे.
वेतन व भत्तों के लिए ड्राफ्ट कमेटी गठित
बैठक में वेतन व भत्ताें को लेकर मसौदा तैयार करने के लिए ड्रॉफ्ट कमेटी का गठन किया गया.इसमें प्रबंधन की ओर से आरआर मिश्र, एके झा, बीआर रेड्डी, डीके घोष, डॉ आरएस झा और आर पवित्नन कुमार के अलावा यूनियन की ओर से रमेंद्र कुमार, डॉ डीके राय, नाथुलाल पांडेय, डीडी रामानंदन के अलावा सभी के साथ एक-एक सहयोगी शामिल रहेंगे. यह कमेटी जेबीसीसीआइ की अगली बैठक के पहले अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगी. इसके अलावा 9:3:0, 9:4:0 और 9:5:0 धाराओं के लिए भी एक कमेटी गठित की गयी, जिसे अगली बैठक में रखा जायेगा. इस कमेटी में यूनियन की ओर से लखनलाल महतो, श्रीनिवास राव, एचएस बेग को शामिल किया गया है. 15 दिन के अंदर इस संबंध में कमेटी को अनुशंसा देनी है.
घाटे वाली खदानों को बंद करेगी कोल इंडिया
प्रबंधन ने स्पष्ट कहा कि अगर वेतन व भत्तों में बढ़ोतरी चाहते हैं तो हर हाल में घाटे वाली खदानों को बंद करना होगा. मजदूरों के रविवार व ओवरटाइम के अलावा बिजली मद में अनाधिकृत रूप से किये जा रहे उपयोग पर पाबंदी लगानी होगी. इससे कोल इंडिया को इससे 1100 करोड़ रु पये की बचत होगी. इस राशि की बचत करने दिया गया तो वेतन व भत्तों को बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं. इस प्रकार प्रबंधन द्वारा दिये गये मेडिकेयर स्कीम, पेंशन व वेत्तन व भत्तों की राशि को मिलाने से कुल वृद्धि 10.97 फीसदी आती है.
प्रबंधन ने यह भी कहा कि अगर वेतन व भत्तों में साढ़े तीन हजार करोड़ रु पये देते है तो यह राशि 12.73 फीसदी होगी. चार हजार करोड़ रु पये देने पर 14.58 फीसदी, साढ़े चार हजार करोड़ रु पये देने पर 16.44 फीसदी और पांच हजार करोड़ रु पये देने पर 18.20 फीसदी की वृद्धि होगी. बैठक ने यूनियन प्रतिनिधियों ने प्रबंधन से सवाल किया कि क्या वेतन व भत्तों में पांच हजार करोड़ के प्रस्ताव को मान लिया जाये. इस पर प्रबंधन की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया. 28-29 जुलाई को जेबीसीसीआइ की अगली बैठक होगी.
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