6 साल से बंद 53 दुकानें, जमशेदपुर भालूबासा मामले में JNAC पर बरसीं विधायक पूर्णिमा साहू

Edited by Sameer Oraon
Updated:
विज्ञापन

JNAC दफ्तर पहुंचकर मीडिया से बात करतीं विधायक पूर्णिंमा साहू

Jamshedpur Bhalubasa Shop Dispute: जमशेदपुर के भालूबासा में 2019 से बंद 53 टिनशेड दुकानों के आवंटन को लेकर विधायक पूर्णिमा साहू ने जेएनएसी कार्यालय में सोमवार 22 जून को समीक्षा बैठक बुलाई है.

विज्ञापन

जमशेदपुर से अशोक झा की रिपोर्ट

Jamshedpur Bhalubasa Shop Dispute, जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर के भालूबासा क्षेत्र में साल 2019 से धूल फांक रही 53 टिनशेड दुकानों का मामला एक बार फिर गरमा गया है. अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बेघर हुए गरीब फुटपाथी दुकानदारों के पुनर्वास के लिए बनी ये दुकानें पिछले छह वर्षों से जेएनएसी (जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति) के फाइलों के चक्रव्यूह में दफन हैं. इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को लेकर शनिवार को जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय विधायक पूर्णिमा साहू अचानक पूरे लाव-लश्कर के साथ जेएनएसी कार्यालय पहुंच गईं. विधायक के औचक दौरे से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया. हालांकि, उस समय नगर आयुक्त अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे और उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार भी जिला उपायुक्त (DC) की एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे, जिस वजह से विधायक की अधिकारियों से आमने-सामने मुलाकात नहीं हो सकी. अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने तुरंत फोन (दूरभाष) पर उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार से सीधी बात की. उन्होंने कड़े लहजे में अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और आगामी सोमवार यानी 22 जून 2026 को जेएनएसी कार्यालय में एक हाई-लेवल (उच्च स्तरीय) समीक्षा बैठक बुलाने का सख्त निर्देश दिया.

अलॉटमेंट के बाद रहस्यमयी तरीके से वापस ले ली गई थीं चाबियां

‘प्रभात खबर’ से विशेष बातचीत करते हुए विधायक पूर्णिमा साहू का गुस्सा साफ नजर आया. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि, “अब इस मामले में प्रशासनिक सुस्ती और जरा भी देरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.” विधायक ने जेएनएसी परिसर में खड़े होकर अतीत के पन्नों को पलटते हुए एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि साल 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल के दौरान स्थानीय प्रभावित दुकानदारों को ये दुकानें बाकायदा अलॉट कर दी गई थीं और उन्हें चाबियां तक सौंप दी गई थीं. लेकिन बाद में जेएनएसी के अधिकारियों ने बेहद रहस्यमयी और अजीबोगरीब तरीके से दुकानदारों से वो चाबियां वापस ले लीं. विधायक ने प्रशासन पर तीखे सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर छह सालों से इस जरूरी मुद्दे पर पूरा प्रशासनिक अमला मौन क्यों धारण किए हुए है? इन दुकानों में आज तक बिजली का कनेक्शन क्यों नहीं कराया गया? रख-रखाव के अभाव में आज ये दुकानें पूरी तरह जर्जर और खंडहर होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन सरकारी तंत्र में बैठे किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी कोई परवाह नहीं है.

Also Read: पलामू के सिक्का में शरीर सूजने के बाद बाप-बेटी की मौत, परिवार के चार लोगों की हालत गंभीर

साजिश के कारण सड़क पर आए असली हकदार

विधायक पूर्णिमा साहू ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि जेएनएसी के कुछ लोगों द्वारा गलत और रसूखदार लोगों को ये दुकानें आवंटित करने की पर्दे के पीछे से कोशिश की गई थी. इसी बंदरबांट और धांधली की वजह से पूरा मामला कानूनी और प्रशासनिक विवादों में घिर गया, जिसका खामियाजा यह हुआ कि जो गरीब फुटपाथी दुकानदार इसके असली हकदार थे, वे आज भी सड़क पर ठेला लगाने को मजबूर हैं. उन्होंने साफ किया कि सोमवार (22 जून) को होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में साल 2019 की मूल फाइलों (Original Files) की एक-एक कर बारीकी से स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी. जो लोग इस पुनर्वास योजना के असली और वैध हकदार हैं, उन्हें चिन्हित कर तुरंत दुकानें सौंपी जाएंगी. इसके साथ ही, लंबे समय से बंद रहने के कारण खराब हो चुकीं दुकानों की जेएनएसी फंड से मरम्मत भी कराई जाएगी, ताकि गरीब दुकानदार वहां बिना किसी डर के अपना व्यवसाय सुचारू रूप से शुरू कर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें.

Also Read: हजारीबाग की डीडीसी बनीं वरीय पदाधिकारी, विशेष भू-अर्जन प्रभारी पदाधिकारी बने किशोर प्रसाद

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola