हजारीबाग की डीडीसी बनीं वरीय पदाधिकारी, विशेष भू-अर्जन प्रभारी पदाधिकारी बने किशोर प्रसाद

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हजारीबाग डीएसई का कार्यालय. फोटो: प्रभात खबर

Hazaribagh News: हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. डीडीसी रिया सिंह को जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक का दायित्व मिला है, जबकि राज किशोर प्रसाद को विशेष भू-अर्जन तेनुघाट परियोजना कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड में हजारीबाग के प्रशासनिक महकमे में अधिकारियों की कमी को दूर करने के लिए उपायुक्त हेमंत सती ने कई महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त प्रभार अधिकारियों को सौंपा है. इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय की स्थापना शाखा की ओर से 19 जून 2026 को आदेश जारी किया गया है. नए आदेश के तहत जिला स्तर पर पांच अधिकारियों को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ अन्य विभागों का वरीय और प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है. वहीं, सदर अंचल अधिकारी आशुतोष को खास महाल का प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है.

रिया सिंह को मिली शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी

जारी आदेश के अनुसार, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रिया सिंह को जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय का वरीय पदाधिकारी बनाया गया है. लंबे समय से इन पदों पर प्रभावी निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही थी. अब रिया सिंह दोनों कार्यालयों के कामकाज की देखरेख करेंगी. प्रशासन का मानना है कि इससे शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों में तेजी आएगी और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय स्थापित होगा.

पूर्वा अग्रवाल को नीलाम पत्र शाखा का प्रभार

उपायुक्त के आदेश के तहत सहायक समाहर्ता पूर्वा अग्रवाल को नीलाम पत्र शाखा का प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है. इसके साथ ही उन्हें राजस्व वसूली और अन्य लंबित मामलों के निष्पादन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी भी निभानी होगी. प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है.

महेंद्र छोटन उरांव को कई विभागों की जिम्मेदारी

अपर समाहर्ता महेंद्र छोटन उरांव को भू-हदबंदी का अपर समाहर्ता बनाया गया है. इसके अलावा उन्हें विधि शाखा और सामान्य शाखा का वरीय पदाधिकारी नियुक्त किया गया है. इतना ही नहीं, सहकारिता विभाग, जिला पशुपालन कार्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी भी उन्हें सौंपी गई है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों के कारण कार्य प्रभावित हो रहे थे. ऐसे में अनुभवी अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया है.

राज किशोर प्रसाद बने विशेष भू-अर्जन तेनुघाट के प्रभारी

भूमि सुधार उपसमाहर्ता राज किशोर प्रसाद को जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (एनटीपीसी) के अलावा भू-अर्जन से जुड़े सभी मामलों का प्रभारी बनाया गया है, जहां पहले से कोई सक्षम पदाधिकारी अधिसूचित नहीं है. इसके अलावा उन्हें जल संसाधन विभाग से संबंधित विशेष भू-अर्जन तेनुघाट परियोजना कार्यालय का प्रभारी पदाधिकारी भी बनाया गया है. राज किशोर प्रसाद अब विशेष भू-अर्जन तेनुघाट परियोजना कार्यालय के निकासी एवं व्यय पदाधिकारी के रूप में भी कार्य करेंगे. इससे भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है. सरकारी व्यवस्था भी कमाल की चीज है, एक अधिकारी के पास जितनी जिम्मेदारियां बढ़ती हैं, उतनी ही फाइलों की मोटाई भी बढ़ जाती है.

पंकज कुमार तिवारी को दो विभागों का अतिरिक्त प्रभार

जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी को विकास शाखा और कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) का प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया है. अब वे जिले में विकास योजनाओं के संचालन और सीएसआर गतिविधियों के समन्वय का कार्य भी संभालेंगे.

27 मई से खाली था तेनुघाट का पद

हजारीबाग स्थित जल संसाधन विभाग के प्रमंडलीय मुख्यालय परिसर में संचालित विशेष भू-अर्जन तेनुघाट परियोजना कार्यालय में 27 मई 2026 से प्रभारी भू-अर्जन पदाधिकारी का पद खाली पड़ा था. इससे पहले निर्भर कुमार इस पद का दायित्व संभाल रहे थे. उनके स्थानांतरण के बाद यह पद रिक्त हो गया था, जिससे कई मामलों के निष्पादन पर असर पड़ रहा था.

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उपायुक्त के आदेश से खत्म हुई अधिकारियों की कमी

उपायुक्त हेमंत सती के आदेश के बाद अब विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर अतिरिक्त प्रभार देकर प्रशासनिक कामकाज को गति देने की कोशिश की गई है. विशेष रूप से शिक्षा विभाग और भू-अर्जन से जुड़े मामलों में नए प्रभारियों की नियुक्ति से लंबित कार्यों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है. प्रशासन की मशीनरी चलती रहे, इसके लिए कभी-कभी एक अधिकारी को कई कुर्सियों का बोझ उठाना पड़ता है, और यही भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की पुरानी लेकिन व्यवहारिक शैली भी मानी जाती है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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