शिशु तस्करी: मोबाइल फोन ने बिगाड़ा खेल, ऑन होते ही पता चला लोकेशन, नेपाल भागने के फिराक में थी जूही

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Mar 2017 8:08 AM

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सिलीगुड़ी. जलपाईगुड़ी के एक होम से शिशु तस्करी मामले की मुख्य आरोपी भाजपा नेता जूही चौधरी नेपाल भागने के फिराक में थी.वह एक-दो दिनों के अंदर ही पानीटंकी होकर भारतीय सीमा क्षेत्र से नेपाल में प्रवेश कर जाती. उससे पहले ही सीआइडी ने उसे दबोच लिया. यह खुलासा सीआइडी सूत्रों ने किया है. यहां उल्लेखनीय […]

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सिलीगुड़ी. जलपाईगुड़ी के एक होम से शिशु तस्करी मामले की मुख्य आरोपी भाजपा नेता जूही चौधरी नेपाल भागने के फिराक में थी.वह एक-दो दिनों के अंदर ही पानीटंकी होकर भारतीय सीमा क्षेत्र से नेपाल में प्रवेश कर जाती. उससे पहले ही सीआइडी ने उसे दबोच लिया. यह खुलासा सीआइडी सूत्रों ने किया है. यहां उल्लेखनीय है जलपाईगुड़ी में चंदना चक्रवर्ती के होम से शिशु तस्करी का खुलासा होने के बाद से पूरे राज्य में खलबली मची हुयी. इस मामले में चंदना चक्रवर्ती सहित तीन लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो गयी है.

जांच के क्रम में सीआइडी को पता चला कि जलपाइगुड़ी की एक भाजपा नेता जूही चौधरी के साथ चंदना का कनेक्शन जुड़ा हुआ है. उसके बाद से ही जूही चौधरी की तालाश की जा रही थी. पह पिछले एक सप्ताह से फरार थी और सीआइडी उसको दबोचने की कोशिश में लगी हुयी थी. आखिरकार उसे मंगलवार की रात को भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित बतासी से गिरफ्तार कर लिया गया.

सीआइडी सूत्रों के अनुसार वह अपने एक रिश्तेदार के घर छुपी हुयी थी और मौका मिलते ही नेपाल निकल जाना चाहती थी. ऐसे सीआइडी ने भारत-नेपाल सीमा पर पहले ही एलर्ट जारी कर दिया था. उसको पकड़ने के लिए सीआइडी अधिकारी पहले से ही जाल बिछा कर थे.सूत्रों ने आगे बताया कि सीआइडी के पास पहले से ही इस बात की सूचना थी कि वह सीमा पार भाग जाने की फिराक में है. हांलाकि वह कहां है इस बात की जानकारी नहीं मिल पा रही थी. इसबीच,सीआइडी की टीम ने उसके फोन पर नजरें टिका रखी थी. फोन से उसका लोकेशन जानने की कोशिश में टीम लगी हुयी थी. हांलाकि उसका फोन कइ दिनों से स्वीच ऑफ था. इसकी वजह से सीआइडी को सफलता नहीं मिल पा रही थी. सीआइडी अधिकारियों को इस बात का विश्वास अवश्य था कि वह कभी न कभी फोन ऑन जरूर करेगी. इसके लिए कोलकाता से एक साइबर क्राइम विशेषज्ञ को बुला लिया गया था.इसके साथ ही सीआइडी ने जूही के कइ निकट के रश्तेदारों पर भी नजरें टिका कर रखी थी. आखिरकार सीआइडी की यह रणनीति कामयाब हुयी.

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार शाम को जूही ने अपना फोन ऑन किया और तीन लोगों से बातचीत की.उसके बाद ही सीआइडी को उसके लोकेशन का पता चल गया. सीआइडी के अधिकारी बगैर किसी को कोइ जानकारी दिये बतासी के लिए निकल गये और और जूही के ठिकानों पर दबिश दी. सीआइडी को साफ-साफ पता चल गया था कि जूही वहीं छिपी हुयी है.इसी लिए महिला अधिकारियों को साथ लिया गया था. रात को करीब दस बजे सीआइडी ने बतासी में अभियान चलाया और जूही को दबोच लिया. सीआइडी की टीम जूही को लेकर स्थानीय खरीबाड़ी थाना भी नहीं गयी. सीआइडी पहले जूही को सिलीगुड़ी स्थित अपने कार्यालय पिंटेल विलेज लाना चाहती थी.

लेकिन अंतिम क्षणों में सुरक्षा कारणों से सीआइडी ने अपना इरादा बदल लिया. सीआइडी जूही को लेकर माटीगाढ़ा थाना आ गयी. पूरी रात कड़ी सुरक्षा के बीच जूही को वहीं रखा गया. थाने के बाहर तृणमूल समर्थकों के प्रदर्शन की आशंका भी थी. इसलिए पूरे थाने को किले में तब्दील कर दिया गया. बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जूही को जलपाईगुड़ी में अदालत में पेशी के लिए ले जाया गया.

जूही ने स्वयं को निर्दोष बताया

जलपाईगुड़ी पेशी के लिए ले जाने से पहले जूही ने स्वयं को निर्दोष बताया है. कड़ी सुरक्षा के बीच मीडिया ने उसने बताया कि उसने कोइ गलती नहीं की है. शिशु तस्करी से उसका कोइ लेना देना नहीं है. राज्य सरकार बदले की कार्यवाही कर रही है. वजह नेता होने की वजह से फंसाया जा रहा है. अदालत में सच साबित हो जायेगा.

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