काला धन मसले पर भाजपा ने तृणमूल को लिया आड़े हाथ, कहा अपनों के काले धन निकालें सीएम

Updated:
विज्ञापन

कोलकाता: प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने एक बार फिर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने कहा है कि इन दिनों बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मानसिक रूप से असंतुलित हैं. काले धन के खिलाफ सबसे पहले भाजपा ने आवाज उठाया. उस समय ममता बनर्जी यूपीए सरकार के कार्यकाल के […]

विज्ञापन

कोलकाता: प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने एक बार फिर राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने कहा है कि इन दिनों बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मानसिक रूप से असंतुलित हैं.

काले धन के खिलाफ सबसे पहले भाजपा ने आवाज उठाया. उस समय ममता बनर्जी यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान काले धन को लेकर चुप्पी साधी हुई थीं, लेकिन आज वे काले धन के खिलाफ आवाज उठा रही हैं. काला धन तृणमूल के लोगों और मंत्रियों के पास हैं.

काले धन की चिंता मुख्यमंत्री न करके, सारधा कांड के काले धन की चिंता करें, जो उनके नेता और मंत्री के घर और बैंक में हैं, उसे वापस लायें. भाजपा सरकार ने देश के काले धन को वापस लाने की पहल कर दी है और अदालत में कालाधन रखनेवालों लोगों की सूची भी दे दी गयी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार इसे प्रकाशित करेगी. किसी राज्य की मुख्यमंत्री देश के काले धन को ला नहीं सकता. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काले धन को वापस लाने में सक्षम हैं. काले धन की चिंता भाजपा पर छोड़ दीजिये.

श्री सिन्हा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बांग्लादेशी घुसपैठ को बढ़ावा देकर आतंकवादी संगठनों और आतंकियों में बंगाल में आमंत्रित करके बंगाल में बम उद्योग को बढ़ावा देना चाहती हैं. इससे देश की सुरक्षा पर सवाल खड़ा होगा. बर्दवान कांड व खागड़ागढ़ की घटना के बाद केंद्र सरकार जहां बंगाल की सुरक्षा को ध्यान में रख कर एनआइए, बीएसएफ और सीआरपीएफ को सक्रिय कर रही हैं. वहीं बंगाल की वर्तमान सरकार उग्रवादियों को आमंत्रित कर रही है. यह देश हित के खिलाफ है. आज बंगाल में बेरोजगारी, भुखमरी जैसी समस्या है. उद्योग नहीं है, शिक्षा नहीं है, लेकिन यहां की सरकार विदेशियों को बुला रही है. इन समस्याओं की चिंता नहीं है.

सारधा कांड में सीबीआइ जांच का विरोध कर रही हैं. सीबीआइ गरीबों के हितों को ध्यान में रख कर गरीबों के रुपये को वापस दिलाने के लिए सारधा कांड की जांच कर रही है. सीबीआइ जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हो रहा है. इसका विरोध सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध है. प्रदेश अध्यक्ष ने परिवहन मंत्री मदन मित्र के दोष प्रमाणित होने पर पद त्याग करने की बात पर कहा कि प्रमाणित होने के बाद परिवहन मंत्री को पद त्याग खुद नहीं करना पड़ेगा. जांच संस्थाएं पद त्याग करवा देंगी. साथ ही जिस दिन प्रमाणित हो गया, उस दिन से राज्य के परिवहन मंत्री राजनीति नहीं कर पायेंगे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola