बर्दवान ब्लास्ट मामले में बड़ी कामयाबी : मुख्य आरोपी की पत्नी, आठ अन्य बांग्लादेश में गिरफ्तार

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ढाका: पश्चिम बंगाल के बर्दवान में हुए धमाके के मुख्य आरोपी की पत्नी और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) की महिला शाखा की प्रमुख को रविवार को बांग्लादेश में तीन अन्य के साथ गिरफ्तार किया गया. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उपायुक्त मसुदुर रहमान ने बताया कि भारत में कम से कम 25 महिलाओं को […]

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ढाका: पश्चिम बंगाल के बर्दवान में हुए धमाके के मुख्य आरोपी की पत्नी और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) की महिला शाखा की प्रमुख को रविवार को बांग्लादेश में तीन अन्य के साथ गिरफ्तार किया गया.

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उपायुक्त मसुदुर रहमान ने बताया कि भारत में कम से कम 25 महिलाओं को प्रशिक्षण देने की बात कबूलने वाली फातिमा बेगम के बारे में कहा जाता है कि वह बर्दवान धमाके के मुख्य आरोपी साजिद की पत्नी है. रहमान ने बताया कि वह जेएमबी की महिला शाखा की प्रमुख है.

बर्दवान में बीते दो अक्तूबर को हुए धमाके के मामले में साजिद मुख्य आरोपी है. इस धमाके में दो लोग मारे गये थे. ‘दि डेली स्टार’ नाम के एक अखबार ने रहमान के हवाले से बताया, ‘उसे उसकी तीन साथियों और विस्फोटकों, बम बनाने की सामग्रियों एवं जेहादी किताबों के साथ ढाका के सदरघाट इलाके से गिरफ्तार किया गया.’ एक सवाल के जवाब में पुलिस प्रवक्ता मुनिरुल इसलाम ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने फातिमा बेगम के बारे में अहम खुफिया सूचनाएं मुहैया करायी थी.

बर्दवान धमाके की साजिश की जांच की खातिर पिछले हफ्ते ढाका गयी एनआइए की चार सदस्यीय टीम ने यहां अपने समकक्षों को कुछ नाम और करीब 15 मोबाइल फोन नंबर मुहैया कराये थे ताकि मामले की गुत्थी सुलझाने में उन्हें मदद मिल सके. बताया जाता है कि शुरुआती पूछताछ के दौरान बेगम ने कबूल किया कि उसने पांच बांग्लादेशी सहित कम से कम 25 महिलाओं को कोलकाता के सिमुलिया इलाके में प्रशिक्षण दिया. इसलाम ने बताया कि बेगम जेएमबी की एक प्रशिक्षण समन्वयक है और बर्दवान धमाके के दौरान वह साजिद के साथ थी.

कौन है साजिद : बर्दवान कांड में एनआइए के हाथों गिरफ्तार मोहम्मद साजिद का वास्तविक नाम मसूद राणा उर्फ मासूम बताया गया है. वह बांग्लादेश के नारायणगंज का रहनेवाला है. बांग्लादेश में ही रहने के दौरान उसने वहां के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात- उल-मुजाहिद्दीन के लिए 2005 से काम करने लगा. 2007 में उसे बांग्लादेश में गिरफ्तार भी किया गया था. इसके बाद 2013 में जमानत पर रिहा होने के बाद पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर गया. यहां साहेबगंज के रास्ते मुर्शिदाबाद आकर रहने लगा. जेएमबी के लिए बंगाल में ऑपरेशन प्रमुख के तौर पर काम कर रहा था. वह कई बार बर्दवान के खागड़ागढ़ में भी जा चुका था, जहां दो अक्तूबर को हुए धमाके में दो संदिग्ध आतंकी मारे गये थे.

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