पुलिस अत्याचार के चलते खाना-पानी को तरस रहे ग्रामीण

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पानागढ़: भाजपा व माकपा शिष्टमंडल के बाद शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद अधीर रंजन चौधरी को भी धारा 144 लागू होने का हवाला देकर पुलिस अधिकारियों ने बीरभूम जिले के पाड़ुई थाना के चकमंडलपुर गांव के पास ही रोक दिया. कांग्रेस दल माकड़ा गांव जाना चाहता था, जहां हाल में कथित तृणमूल समर्थकों […]

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पानागढ़: भाजपा व माकपा शिष्टमंडल के बाद शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद अधीर रंजन चौधरी को भी धारा 144 लागू होने का हवाला देकर पुलिस अधिकारियों ने बीरभूम जिले के पाड़ुई थाना के चकमंडलपुर गांव के पास ही रोक दिया. कांग्रेस दल माकड़ा गांव जाना चाहता था, जहां हाल में कथित तृणमूल समर्थकों के हमले में तीन लोगों की मौत हो गयी थी.

माकड़ा जाने से रोके जाने के बाद नाराज कांग्रेस प्रतिनिधियों व उनके समर्थकों ने पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की तथा धरने पर बैठ गये. एक घंटे तक हाइवोल्टेज राजनीतिक तनाव बना रहा. माकड़ा और चकमंडलपुर गांव के सैकड़ों पीड़ित ग्रामीण आंदोलन स्थल पर पहुंचे तथा कांग्रेसी नेताओं से मिल कर अपनी पीड़ा सुनायी.

सांसद चौधरी पार्टी नेताओं व समर्थकों के साथ माक ड़ा गांव जाने के लिए निकले थे. उन्हें रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी चकमंडलपुर गांव के बाहर ही तैनात थे. जैसे ही चौधरी आगे बढ़े, पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया. उनका कहना था कि इन गांवों में धारा 144 लागू है. उन्हें गांव में जाने की अनुमति नहीं मिलेगी. लेकिन अधीर ने गांव में जाने की इच्छा दुहरायी. इसके बाद ही दोनों पक्षों में पहले विवाद हुआ और फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गयी. पार्टी समर्थक सड़क पर ही विरोध में धरना देने लगे.

अधीर चौधरी ने पुलिस को दिया अल्टीमेटम

चकमंडलपुर व माक ड़ा गांव के सैक ड़ों ग्रामीण घरनास्थल पर पहुंचे. ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस के अत्याचार के कारण खाने-पीने की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. घर में अनाज का दाना तक नहीं है. पीने का पानी और बच्चों के लिये दूध तक नहीं है. पुलिस तलाशी के नाम पर अत्याचार कर रही है. पीड़ित ग्रामीणों की व्यथा सुन कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बिफर गये. उन्होंने पुलिस अधिकारियों के समक्ष ही धमकी देते हुए कहा कि यदि दो-चार दिन में धारा 144 नहीं हटायी गयी तो बुरा अंजाम होगा. उन्होंने पुलिस को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया. कहा कि सात दिन बाद वे फिर भारी तादाद में पार्टी समर्थकों के साथ यहां आयेंगे. तब देखेंगे कि पुलिस में कितना दम है. मुर्शिदाबाद के विधायक शिला दिव्य हलदर, मो सोहराब व जिला अध्यक्ष शामिल थे.

दो लाख का मुआवजा

माकड़ा गांव में राजनीतिक हिंसा में मृत ग्रामीणों के परिजनों को राज्य सरकार दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देगी. बीरभूम जिला शासक पी मोहन गांधी ने बताया कि राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए तीनों ग्रामीणों के परिजनों को शीघ्र मुआवजा राशि का चेक सौंपा जायेगा.

फैक्टरी मालिक से पूछताछ

खागड़ागढ़ बम विस्फोट कांड की जांच कर रही एनआइए टीम ने शनिवार को बर्दवान के सराइटिकरी गांव स्थित लौह कारखाने में छापामारी की. जांच टीम ने नमूना संग्रह किया. फैक्टरी मालिक लाल्टू शेख तथा कर्मचारियों से गहन पुछताछ की गयी. आशंका है कि आतंकियों के साथ संभवत: फैक्टरी मालिक लाल्टू शेख का संबंध हो सकता है. कोलकाता में इलाजरत संदिग्ध आतंकी इसी कारखाने में काम करता था.

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