आसनसोल : राणा बनर्जी हत्याकांड में चार्ज फ्रेम, 30 गवाहों को पेश होना होगा कोर्ट में, तीन माह में निर्णय की संभावना
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 Jan 2019 3:43 AM (IST)
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आसनसोल : हीरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाघंटी इलाके के निवासी तथा कैटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी हत्याकांड में पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर गुरुवार को अतिरिक्त जिला जज (इलेक्ट्रिसिटी एक्ट) ने आरोपियों के कस्टडी ट्रायल के लिए चार्ज फ्रेम कर दिया. कांड में पुलिस द्वारा लगायी गयी आईपीसी की धारा 302, 201, 326, 307, […]
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आसनसोल : हीरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नवाघंटी इलाके के निवासी तथा कैटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी हत्याकांड में पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर गुरुवार को अतिरिक्त जिला जज (इलेक्ट्रिसिटी एक्ट) ने आरोपियों के कस्टडी ट्रायल के लिए चार्ज फ्रेम कर दिया.
कांड में पुलिस द्वारा लगायी गयी आईपीसी की धारा 302, 201, 326, 307, 34, 120 बी और 25/27 आर्म्स एक्ट को सही मानते हुए चार्ज फ्रेम किया. ट्रायल के लिए पहली दो तिथियां 13 फरवरी और 18 फरवरी निर्धारित कर दी गई हैं.
इस बीच अदालत के गवाहों को सम्मन जारी होगा और पहली तिथि से ही गवाहों की गवाही ली जायेगी. मामले में कुल 30 गवाह है. कस्टडी ट्रायल में पुलिस को उम्मीद है कि आगामी तीन माह के अंदर ही मामले का निष्पादन हो जायेगा.
सनद रहे कि 16 सितंबर, 2017 को कैटरिंग व्यवसायी राणा बनर्जी की हत्या हुयी थी. शिकायत के आधार पर हीरापुर थाना में कांड संख्या 346/17 दर्ज हुआ. जिसमें पुलिस ने आईपीसी की धारा 302,201,326,307,34 और 25/27 आर्म्स एक्ट जोड़कर जांच आरम्भ की.
जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इसमें 120 बी धारा को भी जोड़ा. पुलिस ने मामले में पांच लोगों पिता-पुत्र मिल्टन सेन, सागर सेन, अजय हाड़ी, सुभाष मंडल तथा बबलू माजी को गिरफ्तार किया. जांच पूरी कर पुलिस ने तीन माह के अंदर ही सप्लीमेंट्री चार्ज शीट जमा दे दी. चार्ज शीट में पुलिस ने सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया.
कृष्णेन्दू मुखर्जी और रीतेन बसाक ऊर्फ फूफा का नाम इसमें शामिल किया गया है. दोनों आरोपी गिरफ्तार ने होने के कारण फाईनल चार्जशीट जमा नहीं किया गया है.
मामले में कस्टडी ट्रायल के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी. जिसमे पुलिस को सफलता मिल गयी.
पुलिस के पास मामले के चश्मदीद गवाह राणा बनर्जी के चचेरे भाई मिथुन बनर्जी के साथ ही कुल तीस गवाह है. जिसमें मिथुन ने सीआरपीसी की 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है. इस बयान के अलावा आर्म्स एक्सपर्ट, फोरेंशिक एक्सपर्ट और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट का बयान मामले की प्रमुख कड़ी है. इन गवाहों के आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि तीन माह के अंदर ही कस्टडी ट्रायल का परिणाम उनके पक्ष में होगा .
गवाहों को प्रभावित करने पर कड़ी कार्रवाई
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी नारायण मीणा ने कहा कि मामले में जो भी गवाह है. उन्हें यदि किसी प्रकार से डराया धमकाया गया या प्रलोभन देकर गवाही बदलने की यदि शिकायत मिलती है तो कानून के दायरे में कड़ी कार्यवाई की जायेगी. गवाहों को हर प्रकार से सुरक्षा मुहैया करायी जायेगी.
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