जिस भाई पर था भरोसा, उसी ने ले ली बहन की जान, रिश्ते की कीमत एक बीघा जमीन से भी कम
आरोपी भाई पुलिस के गिरफ्त में
करीब एक साल पहले हुई महिला की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है. पुलिस ने जमीन विवाद में भाई की खूनी साजिश का पर्दाफाश किया है. कैसे एक भाई ने बहन की जान ली और उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की, जानें पूरी कहानी.
UP News : सचेंडी में करीब एक साल पहले हुई महिला की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है. पुलिस के मुताबिक, सीमा की मौत को सड़क हादसा बताकर उसका भाई श्यामजी पाल करीब एक साल तक पुलिस को गुमराह करता रहा. जांच में सामने आया कि जिस मिनी ट्रक की टक्कर से सीमा की मौत होने की बात कही गई थी, वह घटना के वक्त फतेहपुर में मौजूद था. इसके बाद पुलिस ने हादसे की कहानी पर दोबारा जांच शुरू की.पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और वाहन की लोकेशन की जांच के बाद भाई पर शक गहराया. पूछताछ में पुलिस के सामने उसने बहन की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
चार बीघा जमीन के बंटवारे के बाद शुरू हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक, पिता की मौत के बाद परिवार की करीब चार बीघा जमीन का बंटवारा हुआ था. इसमें सीमा के हिस्से में भी जमीन आई थी. बताया जा रहा है कि करीब एक बीघा जमीन को लेकर सीमा और उसके भाई श्यामजी पाल के बीच विवाद चल रहा था. आरोप है कि श्यामजी अपनी बहन से जमीन वापस देने के लिए कह रहा था, लेकिन सीमा इसके लिए तैयार नहीं थी. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद हुआ था.
14 अगस्त 2025 को बताई थी सड़क हादसे की कहानी
पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त 2025 को सीमा घर से किसी काम के लिए निकली थी. इसी दौरान रास्ते में उसका भाई श्यामजी उसे मिल गया. दोनों के बीच जमीन को लेकर कहासुनी हुई. पुलिस की जांच के अनुसार, विवाद बढ़ने पर श्यामजी ने सीमा पर हमला कर दिया. आरोप है कि जमीन पर गिरने के बाद भी उसने डंडे से वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद हत्या को हादसा दिखाने के लिए मिनी ट्रक की टक्कर की कहानी गढ़ी गई. श्यामजी ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी बहन की मिनी ट्रक की चपेट में आने से मौत हुई है. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उठे सवाल, वाहन की लोकेशन ने खोला राज
शुरुआती तौर पर पुलिस ने मिनी ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीमा के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले. इसके बाद पुलिस को हादसे की कहानी पर संदेह हुआ. जांच के दौरान पुलिस ने उस मिनी ट्रक की लोकेशन खंगाली, जिसके बारे में बताया गया था कि उसकी टक्कर से सीमा की मौत हुई. जांच में पता चला कि घटना के वक्त वह मिनी ट्रक फतेहपुर में मौजूद था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को नए सिरे से आगे बढ़ाया.
आठ बार पूछताछ के बाद भी बदलता रहा बयान
पुलिस के मुताबिक, श्यामजी से कई बार पूछताछ की गई. उसे करीब आठ बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन हर बार वह अलग-अलग जानकारी देकर पुलिस को गुमराह करता रहा. इसी दौरान पुलिस को सीमा के मोबाइल से भी अहम सुराग मिला. पुलिस के अनुसार, घटना से एक दिन पहले सीमा ने अपने भाई श्याम को वॉट्सऐप पर मैसेज कर जान का खतरा होने की बात कही थी.
CCTV और मोबाइल चैट से पुलिस को मिले अहम सुराग
जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली. इसके अलावा मोबाइल चैट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वाहन की लोकेशन को आपस में मिलाकर देखा गया. इन सभी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का शक श्यामजी पाल पर और मजबूत हो गया. मंगलवार को उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया.
पूछताछ में हत्या की बात कबूली, गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान श्यामजी ने अपनी बहन की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. करीब एक साल तक सड़क हादसे के रूप में दर्ज रहा यह मामला अब हत्या के केस में बदल चुका है. पुलिस का कहना है कि एक बीघा जमीन के विवाद में बहन की हत्या कर उसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी.
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