हेट स्पीच मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ वारंट जारी
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा
तृणमूल कांग्रेस की नेता और सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ हेट स्पीच मामले में अरेस्ट वारंट जारी किया गया है. यह वारंट सेशंस कोर्ट ने जारी किया है.
महुआ मोइत्रा ने 12 जून को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,देश के युवाओं और सैनिकों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था, जिसके खिलाफ 17 जून को कृष्णानगर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी.
अदालत ने महुआ मोइत्रा को कई बार समन जारी कर कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद वह सुनवाई के दौरान अदालत में पेश नहीं हुईं. अदालत ने बुधवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है.असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर शीर्षेंदु दास ने एएनआई से बातचीत में कहा कि आज अरेस्ट वारंट जारी किया गया है. महुआ मोइत्रा के बयान का बड़ी संख्या में महिलाओं ने विरोध किया था. महुआ मोइत्रा को तीन बार समन जारी किया गया था. लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हुईं. 18 जून उनके कोर्ट में पेश होने का आखिरी दिन था. लेकिन वह उस दिन भी नहीं आईं. 19 जून को कोर्ट ने उन्हें आज पेश होने का एक खास मौका दिया था. वह आज भी कोर्ट नहीं आईं, जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट और सेशंस कोर्ट के जज दिव्येंदु दास ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया.
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By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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