6 साल और 900 से ज्यादा तारीखों के बाद मिला इंसाफ! औरैया डबल मर्डर में पूर्व सपा MLC कमलेश पाठक को उम्रकैद
पूर्व सपा MLC कमलेश पाठक को उम्रकैद
UP News: औरैया के पंचमुखी हनुमान मंदिर में हुए दोहरे हत्याकांड में 6 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है. पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. यह फैसला 72 गवाहों की गवाही के बाद आया है.
UP News: औरैया के बहुचर्चित पंचमुखी हनुमान मंदिर डबल मर्डर केस में करीब छह साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है. जिला एवं सत्र न्यायालय ने पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. मामले में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन व शिक्षिका सुधा चौबे की हत्या हुई थी.
15 मार्च 2020 को मंदिर परिसर में हुई थी दोहरे हत्याकांड की वारदात
मामला 15 मार्च 2020 का है. औरैया के पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा चौबे की हत्या कर दी गई थी. इस दोहरे हत्याकांड के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई, जो करीब 6 साल 5 महीने तक चली. इस दौरान अदालत में 900 से अधिक तारीखें पड़ीं और कुल 72 गवाहों की गवाही दर्ज की गई.
72 गवाहों की गवाही के बाद सुनाया गया फैसला
विशेष MP/MLA कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 अभियुक्तों को दोषी माना. विशेष न्यायालय के न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. फैसले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कोर्ट परिसर में पुलिस का कड़ा पहरा रहा.
बेटे की हत्या के बाद समझौते का दबाव, मां बोलीं- औलाद से बढ़कर कुछ नहीं
फैसले के बाद मंजुल चौबे की मां सरला चौबे ने कहा कि छह साल बाद आए फैसले से परिवार संतुष्ट है. उन्होंने बताया कि इस दौरान परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और समझौते के लिए दबाव भी बनाया गया. उनके मुताबिक, परिवार को सात और आठ करोड़ रुपये तक देने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने कहा कि “औलाद से बढ़कर कोई समझौता नहीं है.”
क्या था पूरा मामला?
15 मार्च 2020 को औरैया के नारायणपुर मोहल्ले स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले की पृष्ठभूमि में मंदिर की करीब एक बीघा जमीन को लेकर विवाद सामने आया था. पुलिस ने तत्कालीन सपा एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाइयों समेत 11 लोगों को आरोपी बनाया था. इसके बाद मामले की लंबी कानूनी प्रक्रिया चली और अदालत में 72 गवाहों की गवाही हुई.
Must Read- यूपी में बाढ़ का बढ़ा खतरा, गंगा-यमुना समेत 4 नदियां उफान पर, 68 जिलों में बारिश का अलर्ट
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में
By कोमल अग्रवाल
कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए