Aligarh News: अलीगढ़ में जल्द शुरू होगा सरकारी नशा मुक्ति केंद्र, एनजीओ की महंगी फीस से मिलेगी राहत

Aligarh News: अब तक अलीगढ़ में एनजीओ के जरिए महंगी फीस लेकर नशे से मुक्त कराने का काम किया जाता था, लेकिन अब अलीगढ़ में जल्द ही एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र शुरू होगा, जिसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं. इसके लिए केंद्र के लिए सरकारी भवन उपलब्ध कराने के लिए पत्र दिया है.
Aligarh News: अलीगढ़ में जल्द ही एक सरकारी नशा मुक्ति केंद्र शुरू होगा, जिसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं. जिला मद्यनिषेध और समाजोत्थान अधिकारी ने डीएम को सरकारी नशा मुक्ति केंद्र के लिए सरकारी भवन उपलब्ध कराने के लिए पत्र दिया है. अब तक अलीगढ़ में एनजीओ के जरिए महंगी फीस लेकर नशे से मुक्त कराने का काम किया जाता था.
अलीगढ़ के प्रभारी जिला मद्यनिषेध व समाजोत्थान अधिकारी भूपेश कुमार ने प्रभात खबर को बताया कि केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय ने अलीगढ़ में सरकारी नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना करने की स्वीकृति दी है. अलीगढ़ प्रशासन से एक फ्री सरकारी भवन की मांग की गई है. जगह उपलब्ध होते ही अलीगढ़ के पहले सरकारी नशा मुक्ति केंद्र का संचालन शुरू हो जाएगा.
सरकारी नशा मुक्ति केंद्र के लिए अलीगढ़ के डीएम को 3 हजार से 4 हजार वर्ग मीटर के सरकारी भवन के उपलब्ध कराने हेतु पत्र लिखा गया है. डीएम ने कोल तहसील को भवन चिन्हित करने का निर्देश दिया है. अलीगढ़ में कोई भी सरकारी नशा मुक्ति केंद्र नहीं है. अभी 4-5 निजी नशा मुक्ति केंद्र विभिन्न एनजीओ द्वारा संचालित हो रहे हैं.
बीड़ी, सिगरेट, शराब, चरस, गांजा आदि प्रकार के नशा करने वालों को नशे से मुक्ति कराने के एवज में निजी नशा मुक्ति केंद्र 10 हजार रूपए महीने तक की फीस लेते हैं. निजी नशा मुक्ति केंद्रों पर कोई कम आय वाला सामान्य व्यक्ति एंट्री नहीं कर पाता. निजी नशा मुक्ति केंद्रों पर वायदे तो कई सुविधाओं के किए जाते हैं, परंतु सुविधाओं के नाम पर ठेंगा ही देखने को मिलता है.
जहां निजी नशा मुक्ति केंद्र पर महंगी फीस होती है, वहीं सरकारी नशा मुक्ति केंद्र पर निशुल्क इलाज हो सकेगा. निजी नशा मुक्ति केंद्र पर डॉक्टर, मनोचिकित्सक, काउंसलर, योगा शिक्षक, पैरामेडिकल स्टाफ, समुचित मनोरंजन की सुविधा, खाने की व्यवस्था प्रोपर नहीं होती है. सरकारी नशा मुक्ति केंद्र पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, रहने के लिए समुचित जगह, समुचित खाना व्यवस्था, अन्य कई सुविधाएं मिल सकेंगी.
जब व्यक्ति बीड़ी, सिगरेट, शराब, चरस, अफीम, गांजा आदि नशे से पीड़ित हो जाता है और वह नशा छोड़ना चाहता है, तो परिजन नशा करने वाले व्यक्ति को नशा मुक्ति केंद्र में भेज देते हैं. नशा मुक्ति केंद्र हर महीने एक फीस लेता है, जिसमें उस व्यक्ति का खाना, रहना, इलाज आदि सम्मिलित होता है. नशा मुक्ति केंद्र में नशे की आदत को छुड़ाने के लिए इलाज के साथ काउंसलिंग, योगा, मनोरंजन आदि का प्रयोग किया जाता है.
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रिपोर्ट- चमन शर्मा, अलीगढ़
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By Sohit Kumar
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