राजस्थान में अगला विधानसभा चुनाव अशोक गहलोत के नेतृत्व में लड़ेगी कांग्रेस! सचिन पायलट की सियासी उड़ान को झटका

Rajasthan Congress News: कांग्रेस राजस्थान में अगला विधानसभा चुनाव अशोक गहलोत के नेतृत्व में लड़ने का मन बना चुकी है. पार्टी के इस फैसले से कांग्रेस विधायक सचिन पायलट की सियासी उड़ान को झटका लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
Rajasthan Congress News: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए तैयारियों में जुटी कांग्रेस राज्य में दोबारा सत्ता हासिल करने के लिए कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाह रही है. इसी कड़ी में पार्टी ने बड़ा निर्णय लिया है. सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस राजस्थान में अगला विधानसभा चुनाव अशोक गहलोत के नेतृत्व में लड़ने का मन बना चुकी है. पार्टी के इस फैसले से कांग्रेस विधायक सचिन पायलट की सियासी उड़ान को झटका लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
इन सबके बीच, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) से मुलाकात की. इस मीटिंग के बाद अशोक गहलोत ने सचिन पायलट से मतभेदों को लेकर बड़ा बयान दिया है. राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन पायलट से कोई मतभेद नहीं है. कांग्रेस में छोटे-छोटे मतभेद होते रहते हैं. हर राज्य में सभी पार्टियों के साथ ऐसा होता है, लेकिन हम एक साथ चुनाव लड़ेंगे और जीतकर सरकार भी बनाएंगे.
बताते चलें कि राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में 19 नए जिलों का ऐलान कर दिया है. इसके ठीक अगले ही दिन कांग्रेस ने एक वीडियो जारी किया है. जिससे यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी राज्य में अगला विधानसभा चुनाव अशोक गहलोत के नेतृत्व में लड़ने वाली है. अब अगर सही में ऐसा होता है तो राजस्थान में सचिन पायलट की सियासी उड़ान की महत्वाकांक्षा पर रोक लगने के पूरे आसार हैं.
राजस्थान विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने जादू का पिटारा खोलना शुरू कर दिया है. इसमें से निकलने वाली लुभावनी चीजों से एक तरफ वह जनता को रिझाने में लगे हैं. वहीं, दूसरी तरफ पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी गहलोत में रुचि दिखाने लगा है. माना जा रहा है कि अशोक गहलोत का 19 नए जिलों का एलान कांग्रेस को राजस्थान में संजीवनी दे सकता है. इसके अलावा, पुरानी पेंशन स्कीम को भी राजस्थान के सीएम चुनावी वैतरणी में पार उतरने के लिए अहम हथियार बना रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि सचिन पायलट पिछले काफी अरसे से राजस्थान में अपनी सियासी जड़ें मजबूत करने में जुटे हुए हैं. दरअसल, पिछले 6 महीने में राजस्थान कांग्रेस में काफी उथल-पुथल रही है. सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच छिड़े सियासी घमासान में दोनों ने एक-दूसरे को जमकर सुनाया है. अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को गद्दार तक कह डाला था. वहीं, सचिन पायलट भी अशोक गहलोत को इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह चुके हैं. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दोनों के बीच समझौता कराने के लिए केसी वेणुगोपाल को राजस्थान जाना पड़ा था.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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