Sundargarh News: सुंदरगढ़ में वज्रपात से पांच साल में 46 की गयी जान, अंधविश्वास के कारण ताड़ के पेड़ नहीं लगा रहे लोग
Published by : BIPIN KUMAR YADAV Updated At : 30 May 2026 11:56 PM
Sundargarh News: सुंदरगढ़ में आकाशीय बिजली गिरने से मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पांच साल में 46 की जान गयी है.
Sundargarh News: सुंदरगढ़ जिले में हर साल आकाशीय बिजली गिरने से जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच साल में वज्रपात से 46 लोगों की मौतें हो चुकी हैं और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इसके बावजूद अंधविश्वास के कारण लोग बिजली से बचाने वाले ताड़ के पेड़ नहीं लगा रहे.
ताड़ के पेड़ प्रदान करते हैं सुरक्षा कवच
वैज्ञानिकों के अनुसार, ताड़ के पेड़ 20 से 30 मीटर ऊंचे होते हैं. बिजली सबसे ऊंची चीज पर गिरती है. ताड़ का पेड़ जड़ से पत्तियों तक पानी से भरा होता है और पानी बिजली का अच्छा सुचालक है. इसलिए बिजली सीधे पेड़ से जमीन में चली जाती है और फैलती नहीं. तना सीधा होने से बिजली शाखाओं पर रुककर विस्फोट नहीं करती. अगर 10-15 ताड़ के पेड़ कतार में लगाये जायें, तो गांव के लिए सुरक्षा कवच बन जाता है. लेकिन आदिवासी बहुल इस इलाके में अंधविश्वास के कारण लोग ताड़ के पेड़ नहीं लगाते. लोगों का मानना है कि ताड़ के पेड़ लगाने से अगली पीढ़ी को खतरा होगा. इसी डर से लोग नये पेड़ नहीं लगाते. साथ ही नीचे गिरे ताड़ के फलों से उगने वाले पौधों को भी काटकर खा लेते हैं. गरीब लोग ताड़ के पत्ते और तने का इस्तेमाल घर बनाने में कर लेते हैं. जिससे ताड़ के पेड़ों की संख्या घट रही है और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं.
मैदानों में खिलाड़ी और खेत में काम करने वाले किसान सबसे ज्यादा प्रभावित
सुंदरगढ़ जिले में वज्रपात की घटनाओं का सबसे ज्यादा असर खेल के मैदानों में खिलाड़ियों और खेतों में काम करने वाले किसानों पर देखा जा रहा है. बारिश में खेतों में काम करने वाले लोग लापरवाह हो जाते हैं. घर में भी लोग असुरक्षित महसूस नहीं करते. वहीं बिजली गिरने से जिले में 5 साल में 46 मौतें हाे चुकी हैं. आंकड़ों के अनुसार 2022 में बिजली गिरने से 16, 2023 में 12, 2024 में 9, 2025 में 8 और 2026 में अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है.दो साल में लगाये गये 53 हजार ताड़ के पेड़
वज्रपात की घटनाओं में मौतों को रोकने के लिए देर से ही सही, सरकार ने कदम उठाया है. 2024-25 में सुंदरगढ़ वन मंडल में 33000 और 2025-26 में 20000 ताड़ के पेड़ लगाये गये हैं. इनमें सुंदरगढ़ वन में 11130, उज्ज्वलपुर में 8675, लेफ्रीपाड़ा में 8070, गोपालपुर में 6205, हेमगीर में 10520 और बडगांव में 8400 पेड़ समेत कुल 53 हजार पेड़ लगाये जा चुके हैं. हालांकि 2026-27 में ताड़ का पौधरोपण होगा या नहीं, इसको लेकर निर्देश अभी तक नहीं मिले हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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