Rourkela News: राज्यसभा चुनाव में नवीन बनाम दिलीप की लड़ाई में 24 और 5 का आंकड़ा खींच रहा ध्यान

Rourkela News: निर्दलीय राज्यसभा चुनाव लड़ रहे राउरकेला के कद्दावर नेता दिलीप राय और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आंकड़े सभी का ध्यान खींच रहे हैं.
Rourkela News: ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन समाप्त होने के बाद एक बार फिर दो प्रबल राजनीतिक प्रतिद्वंदी पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय आमने-सामने हैं. हालांकि, यह चुनाव दोनों के बीच एक दिलचस्प आंकड़ा लेकर भी आया है. इस बार इन दोनों दिग्गजों के बीच 24 और 5 जैसे आंकड़ों का अनोखा संयोग सभी का ध्यान खींच रहा है.
2024 विस चुनाव में दिलीप और नवीन दोनों को मिली थी हार
दिलीप राय 24 साल के लंबे अंतराल के बाद दोबारा राज्यसभा के लिए मैदान में उतरे हैं, वहीं नवीन पटनायक की पार्टी को 24 साल तक सत्ता की कमान संभालने के बाद विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. इसी तरह अंक-5 का आंकड़ा भी कम रोचक नहीं. नवीन पटनायक ने लगातार पांच बार (2000, 2004, 2009, 2014 और 2019 में) मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. दूसरी ओर, दिलीप राय ने भी पांच बार चुनावी सफलता हासिल की. उन्होंने 1985, 1990 और 2014 में राउरकेला विधानसभा सीट जीती, जबकि 1997 और 2002 में राज्यसभा के लिए चुने गये. लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव ने दोनों को मायूसी दी. पटनायक हिंजिली और कांटाभांजी से चुनाव लड़ा था. उन्हें कांटाभांजी से हार का मुंह देखना पड़ा. वहीं दिलीप राय को भी राउरकेला विधानसभा सीट पर निराशा हाथ लगी. इस बार 24 का आंकड़ा इन दोनों दिग्गज नेताओं को राज्यसभा चुनाव में हार का रास्ता दिखायेगा या फिर जीत का हार पहनायेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.
दिलीप राय को मिलेगा भाजपा के 22 विधायकों का समर्थन, आठ वोट जुटाना होगी चुनौती
राज्यसभा चुनाव के लिए इस बार दिलीप राय भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं. विधानसभा में भाजपा के 82 विधायकों के दम पर उनके आधिकारिक उम्मीदवार मनमोहन सामल और सुजीत कुमार को क्रमशः 30-30 वोट मिलने की उम्मीद है, जिससे उनकी जीत पक्की लग रही है. वहीं राय को भाजपा के बाकी 22 विधायकों का समर्थन मिलेगा, लेकिन शेष आठ वोट कहां से जुटाएंगे, यह सवाल कायम है. इधर, बीजद ने 50 विधायकों में से दो को निलंबित कर दिया है. जिसके बाद उसके पास 48 वोट बचे हैं. बीजद के उम्मीदवार संतृप्त मिश्र और डॉ होता में से एक को 30 वोट तो मिल जायेंगे, लेकिन दूसरे के लिए सिर्फ 18 वोट बचेंगे. हालांकि, 14 विधायकों के साथ कांग्रेस ने बीजद का समर्थन करने की घोषणा की है, जो इस चुनाव में जीत-हार का समीकरण बदल सकता है. ऐसे में कुल चार सीटों पर पांच उम्मीदवारों में से किसे इस चुनाव में जीत या हार मिलेगी, इसका फैसला 16 मार्च को वोटिंग के बाद ही हो सकेगा.
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