Rourkela News: आरएसपी में बायोमीट्रिक मशीन लगाने का विरोध, इस्पात सचिव का पुतला फूंका

Published by :BIPIN KUMAR YADAV
Published at :27 Apr 2026 11:08 PM (IST)
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Rourkela News: आरएसपी में बायोमीट्रिक मशीन लगाने का विरोध, इस्पात सचिव का पुतला फूंका

Rourkela News: राउरकेला श्रमिक संघ के महासचिव की अगुवाई में श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर जमीन पर लेटकर विरोध जताया.

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Rourkela News: इंटक संबद्ध राउरकेला श्रमिक संघ (आरएसएस) के महासचिव प्रशांत बेहेरा की अगुवाई में सोमवार को बड़ी संख्या में श्रमिकों ने राउरकेला स्टील प्लांट के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया. इस मौके पर संघ के महासचिव बेहेरा ने इस्पात सचिव के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की. इस्पात सचिव का पुतला जलाने के साथ श्रमिकों ने गेट के सामने जमीन पर लेटकर अपनी नाराजगी का इजहार किया.

39 महीने का एरियर नहीं मिलना निंदनीय : प्रशांत बेहेरा

संघ के महासचिव प्रशांत बेहेरा ने कहा कि सेल वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुनाफा कमाने वाला है. इसके बावजूद यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है कि कर्मचारियों को 39 महीने का एरियर नहीं दिया गया है और नौ साल 06 महीने बाद भी पूरे वेज एग्रीमेंट पर साइन नहीं हुए हैं. इस्पात सचिव ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं और न ही सेल प्रबंधन द्वारा एनजेसीएस मीटिंग बुलायी जा रही है. उत्पादन दिन-ब-दिन बढ़ रहा है, कर्मचारियों की संख्या कम हो रही है. ऐसे में कर्मचारियों पर बहुत ज्यादा काम का दबाव है. उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से इस्पात कर्मचारियों की इंसेंटिव और रिवॉर्ड स्कीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. आरएसएस ने कई बार स्थानीय प्रबंधन से इंसेंटिव रिवॉर्ड पर बात की है, लेकिन यह अप्रूवल के नाम पर लंबे समय से कॉरपोरेट ऑफिस में पड़ा हुआ है.

40 फीसदी मैन पावर कम करने के आदेश पर जतायी चिंता

प्रशांत बेहरा ने कहा कि इस्पात सचिव ने सभी यूनिट्स में मैन पावर 40 फीसदी कम करने का आदेश दिया है, जो चिंताजनक व श्रमिक विरोधी कदम है. इसके साथ ही आइजीएच का निजीकरण करना, टाउनशिप के इलेक्ट्रिकल, सिविल, हॉर्टिकल्चर विभाग को बंद करना और स्थानीय स्तर पर लिए जानेवाले फैसलों को कॉरपोरेट स्तर पर ट्रांसफर करना जैसे कदम कर्मचारियों में बेचैनी और अनिश्चितता पैदा कर रहे हैं. सेल के सभी फैसले पहले सेल बोर्ड से पास होने चाहिए, लेकिन इस्पात सचिव एक प्राइवेट कंपनी की तरह उन सबको नजरअंदाज करके अपनी मर्जी के हिसाब से आदेश देते हैं, जो सभी के लिए हैरानी की बात है. यह बहुत शर्मनाक और हैरानी की बात है कि इस्पात सचिव का सीनियर अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग में ठेका श्रमिकों को ट्रेनिंग देने के साथ उनका यह कहना कि स्थायी कर्मचारी इसलिए दुर्घटना का शिकार नहीं हो रहे हैं, क्योंंकि वे काम नहीं करते. इसमें कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने के बजाय राउरकेला स्टील प्लांट प्रबंधन गेट पर बायोमेट्रिक मशीन लगाकर कर्मचारियों के सौतेला रवैया दिखा रही है तथा बेकसूर कर्मचारियों को उनकी अनुपस्थिति की आड़ में नाैकरी से निकालने की कोशिश कर रही है, जिसकी राउरकेला श्रमिक संघ कड़ी निंदा करती है.

मजदूर विरोधी नीतियों को नहीं किया जायेगा बर्दाश्त

महासचिव बेहरा ने साफ किया कि ऐसी मजदूर विरोधी नीतियों और फैसलों को कभी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. अगर जरूरत पड़ी तो संघ कड़े कदम उठायेगा और इसकी वजह से पैदा होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए इस्पात सचिव व केंद्र सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार होगी. इसके साथ ही मजदूरों ने इस्पात सचिव का पुतला भी जलाया.

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