2 अगस्त को चक्रधरपुर में रक्तदान सह नेत्रदान शिविर, लोगों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील

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तस्वीर है | Prabhat Khabar Network

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चक्रधरपुर में 2 अगस्त को रक्तदान और नेत्रदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है. लोगों से इस नेक कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है.

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प्रतिनिधि, चक्रधरपुर सृष्टि अल्ट्रासाउंड एवं नेत्र क्लिनिक तथा संत अंजला अस्पताल, चक्रधरपुर के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 2 अगस्त (रविवार) को रक्तदान सह नेत्रदान पंजीकरण शिविर का आयोजन किया जाएगा. यह शिविर उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम " के अंतर्गत कार्मेल स्कूल, चक्रधरपुर के प्रांगण में सुबह 9:00 बजे से आयोजित होगा.

इस संबंध में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सेलिन सोशन ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर का उद्देश्य समाज में स्वैच्छिक रक्तदान और नेत्रदान के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस महादान से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि इच्छुक नागरिक स्वेच्छा से रक्तदान करें तथा जो लोग नेत्रदान का संकल्प लेना चाहते हैं, वे अपना आधार कार्ड साथ लेकर शिविर में अवश्य आएं, ताकि उनका नेत्रदान पंजीकरण किया जा सके.

डॉ. सेलिन सोशन ने कहा कि रक्तदान जीवनदान है. एक यूनिट रक्त से गंभीर रूप से घायल मरीज, प्रसूता महिला, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों, कैंसर रोगियों तथा बड़ी सर्जरी कराने वाले मरीजों की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति द्वारा रक्तदान करने से शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता. रक्तदान के बाद कुछ ही समय में शरीर रक्त की कमी को पूरा कर लेता है. नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच भी हो जाती है तथा दूसरों की जान बचाने का आत्मिक संतोष मिलता है.

उन्होंने आगे कहा कि नेत्रदान मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में रोशनी ला सकता है. किसी व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत उसकी आंखों की कॉर्निया को सुरक्षित निकालकर ऐसे मरीजों में प्रत्यारोपित किया जाता है, जिनकी दृष्टि कॉर्निया की खराबी के कारण चली गई हो. एक नेत्रदाता की दोनों आंखों से 4 से 6 दृष्टिबाधित व्यक्तियों को नई रोशनी मिल सकती है. उन्होंने कहा कि नेत्रदान में चेहरे की सुंदरता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता और यह पूरी प्रक्रिया सम्मानपूर्वक तथा चिकित्सकीय मानकों के अनुसार संपन्न की जाती है.

डॉ. सोशन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज सेवा का इससे बड़ा कोई माध्यम नहीं हो सकता. यदि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति समय-समय पर रक्तदान करे और अधिक से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प लें, तो अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन और नई दृष्टि मिल सकती है. उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों से इस शिविर में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करने तथा नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की. आयोजकों ने बताया कि शिविर में चिकित्सा विशेषज्ञों की देखरेख में रक्तदान की समुचित व्यवस्था रहेगी तथा नेत्रदान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी और पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. उन्होंने नागरिकों से इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने का आग्रह किया.


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शीन अनवर

लेखक के बारे में

By शीन अनवर

शीन अनवर वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक एवं स्नातकोत्तर तथा बी एड किया है. राजनीति, धर्म, शिक्षा के क्षेत्र में इन्होंने लंबा काम किया है. डिजिटल जर्नलिज्म में 5 साल का अनुभव है.

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