CJP के बाद अब E20 जनता पार्टी का हल्ला बोल: 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान, नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग

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ई 20 जनता पार्टी, फोटो एक्स

ई 20 जनता पार्टी, फोटो एक्स

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की सफलता के बाद एक और आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग उठने लगी है. E20 जनता पार्टी ने एथनॉल मिले पेट्रोल के खिलाफ 4 अगस्त को संसद मार्च का ऐलान कर दिया है. E20 जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की है.

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इस सोशल मीडिया पेज के माध्यम से E20 पेट्रोल के खिलाफ अभियान छेड़ दिया गया है. ई20 जनता पार्टी ने अपने पेज के माध्यम से कहा, "इथेनॉल पॉलिसी पर सवाल उठाना देश के खिलाफ नहीं है - यह पब्लिक इंटरेस्ट में है. अगर आपको भी जवाब चाहिए, तो अपनी आवाज उठाइए."

4 अगस्त को टैक्सी, टूरिस्ट और कमर्शियल गाड़ियों के मालिकों को संसद मार्च के लिए किया आमंत्रित

E20 जनता पार्टी ने 4 अगस्त को पूरे भारत से टैक्सी, टूरिस्ट और कमर्शियल गाड़ियों के मालिकों को संसद मार्च के लिए आमंत्रित किया है. बताया गया है कि संसद मार्च के दौरान, वे E20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल और महंगी GPS व पैनिक बटन सिस्टम को अनिवार्य रूप से लगवाने के नियम का विरोध करेंगे.


ई20 जनता पार्टी का एक्स पोस्ट, फोटो एक्स
ई20 जनता पार्टी का एक्स पोस्ट, फोटो एक्स

प्रदर्शनकारियों का क्या है आरोप?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि E20 से पुरानी गाड़ियों के इंजन पर बुरा असर पड़ रहा है, माइलेज कम हो रहा है और चलाने का खर्च बढ़ रहा है. पेज के माध्यम से बताया गया है कि संजय सम्राट के नेतृत्व में, हजारों ड्राइवर और गाड़ियों के मालिक सरकार से कार्रवाई की मांग करने के लिए इकट्ठा होंगे.

E20 जनता पार्टी पेज से तेजी से जुड़ रहे लोग

E20 जनता पार्टी सोशल मीडिया पेज से तेजी से लोग जुड़ रहे हैं. अब तक एक्स पर इसके 34 हजार से अधिक फॉलोअर्स हो गए हैं. इस पार्टी की तुलना कॉकरोच जनता पार्टी से होने लगी है.

E20 जनता पार्टी ने बताया कि क्या है इसका मकसद और मुख्य मांगें?

E20 जनता पार्टी ने बताया कि यह एक स्वतंत्र जन-जागरूकता अभियान है. इसका मकसद भारत में लागू E20 (20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल) पॉलिसी के असर पर लोगों के बीच बातचीत को बढ़ावा देना, पारदर्शिता लाना और ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करना है. साफ किया गया है कि यह किसी राजनीतिक पार्टी का संगठन नहीं है.

क्या है मकसद? E20 पॉलिसी पर पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित बातचीत. गाड़ी मालिकों के हितों की रक्षा. ग्राहकों को ईंधन के बारे में साफ जानकारी और विकल्प देना. स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययनों को सार्वजनिक करना. अगर कोई पॉलिसी ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती है, तो उसकी निष्पक्ष समीक्षा.

मुख्य मांगें

  • ग्राहकों के लिए विकल्प: जहां भी संभव हो, E20 के साथ-साथ कम इथेनॉल मिश्रण या इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल के विकल्प भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए.
  • स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययन: इंजन, माइलेज, रखरखाव की लागत और E20 के लंबे समय तक पड़ने वाले असर पर स्वतंत्र संस्थानों द्वारा अध्ययन किए जाने चाहिए और उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए.
  • पारदर्शिता: हर पेट्रोल पंप पर यह साफ तौर पर बताया जाना चाहिए कि उपलब्ध ईंधन में कितना इथेनॉल मिलाया गया है.
  • गाड़ी मालिकों की सुरक्षा: अगर किसी गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने किसी खास मॉडल के लिए E20 की सिफारिश नहीं की है, तो ग्राहकों को इसके बारे में साफ तौर पर बताया जाना चाहिए.
  • सार्वजनिक बातचीत: सरकार, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, वैज्ञानिकों, किसान संगठनों और उपभोक्ता संगठनों के साथ खुली बातचीत होनी चाहिए.


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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