सात गुणी हुई फीस, नहीं हुआ एक भी एडमिशन

Updated at : 18 Feb 2017 12:46 AM (IST)
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सात गुणी हुई फीस, नहीं हुआ एक भी एडमिशन

जेएलएन कॉलेज : कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स को बदलकर कर दिया बीसीए पूर्व में कंप्यूटर एप्लीकेशन(सीए)कोर्स की फीस तीन साल के लिए थी 24 हजार रुपये अब बीसीए की पढ़ाई की फीस तीन साल में कर दी गयी है एक लाख 68 हजार चक्रधरपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय ने जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय के वोकेशनल पढ़ाई में […]

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जेएलएन कॉलेज : कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स को बदलकर कर दिया बीसीए

पूर्व में कंप्यूटर एप्लीकेशन(सीए)कोर्स की फीस तीन साल के लिए थी 24 हजार रुपये
अब बीसीए की पढ़ाई की फीस तीन साल में कर दी गयी है एक लाख 68 हजार
चक्रधरपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय ने जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय के वोकेशनल पढ़ाई में कंप्यूटर एप्लीकेशन (सीए) कोर्स को बदल कर बीसीए कर दिया गया है. जिसके कारण सत्र 2016-17 में एक भी विद्यार्थियों ने नामांकन नहीं लिया. पूर्व में सीए कोर्स का तीन साल का फीस 24 हजार रुपये था. लेकिन कोर्स में बदलाव कर एक साल की फीस 54 हजार रुपये कर दी गयी. तीन साल में एक लाख 68 हजार रुपये एक विद्यार्थी को फीस देनी पड़ेगी. कोर्स में बदलाव व फीस में अत्यधिक वृद्धि होने से सुदूरवर्ती क्षेत्र के विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स पढ़ने से वंचित हो रहे हैं.
जेनरेटर नहीं चलाने से वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई प्रभावित:अनुमंडल के एकमात्र डिग्री व वोकेशनल कोर्स युक्त जेएलएन कॉलेज में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से वोकेशनल कोर्स पढ़ने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कॉलेज में जेनरेटर की व्यवस्था है. बावजूद कॉलेज में बिजली गुल हो जाने पर जेनरेटर नहीं चलाया जाता है. जेएलएन कॉलेज के वोकेशनल कोर्स में कुल 44 कंप्यूटर उपलब्ध हैं. सीए में 16 व आइटी में 28 कंप्यूटर हैं. सभी कंप्यूटर चालू हालत में हैं, लेकिन बिजली के अभाव से विद्यार्थियों को ग्रुप में बांट कर प्रैक्टिकल कराया जाता है.
150 विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स कर रहे हैं:जेएलएन कॉलेज में विभिन्न सत्र में आइटी व सीए में कुल 150 विद्यार्थी वोकेशनल कोर्स कर रहे हैं..
बिजली ही नहीं तो प्रैक्टिकल कैसे होगी : विद्यार्थी
वोकेशनल कोर्स के आइटी पार्ट वन की छात्रा इशिका कुमारी, रेणू महतो, ज्योति जामुदा ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से लैब में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है. बिजली गुल होने से लैब के सारे कंप्यूटर बंद हो जाते हैं. जिससे समय पर सेमेस्टर पूरा नहीं हो पाता है.
पहले जेनरेटर चलता था : एसके मिश्र
आइटी शिक्षक सुजीत कुमार मिश्र ने कहा कि वोकेशनल क्लास के लिए पहले जेनरेटर की सुविधा मिलती थी, परंतु कुछ वर्ष से बिजली गुल हो जाने से जेनरेटर से बिजली की सुविधा नहीं मिल रही है. जिससे विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल कराने में परेशानी हो रही है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए जेनरेटर की व्यवस्था की जाये, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.
प्रैक्टिकल के लिए चलाया जाता है जेनरेटर : प्राचार्य
प्राचार्य प्रो नागेश्वर प्रधान ने कहा कि वोकेशनल कोर्स में प्रैक्टिकल के लिए जेनरेटर चलाया जाता है. थ्योरी क्लास के समय अगर बिजली चली जाती है, तो जेनरेटर की व्यवस्था नहीं होती है. उन्होंने कहा कि सीए को बदल कर बीसीए कोर्स कर दिये जाने एवं फीस में अत्यधिक वृद्धि होने से नामांकन नहीं हुआ है.
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