केयू की लापरवाही से लटका जनजातीय विवि की स्थापना

Updated at : 07 Mar 2018 4:45 AM (IST)
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केयू की लापरवाही से लटका जनजातीय विवि की स्थापना

एचआरडी को समय से नहीं भेजे जमीन के जरूरी कागजात चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय की लापरवाही और निर्धारित समय के अंदर आवश्यक कागजात एचआरडी को नहीं भेजने के कारण जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना का मामला अब लटक गया है. एक माह पूर्व एचआरडी ने जनजातीय विवि के लिए जो जमीन चिह्नित की थी, उसके कागजात […]

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एचआरडी को समय से नहीं भेजे जमीन के जरूरी कागजात

चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय की लापरवाही और निर्धारित समय के अंदर आवश्यक कागजात एचआरडी को नहीं भेजने के कारण जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना का मामला अब लटक गया है. एक माह पूर्व एचआरडी ने जनजातीय विवि के लिए जो जमीन चिह्नित की थी, उसके कागजात में कुछ कमी है. कोल्हान विवि को उन्हें पूरा कर एचआरडी के पास जमा करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन विवि ने उक्त काम को गंभीरता से नहीं लिया,
जिसके कारण जनजातीय विवि की स्थापना फिलहाल लटक गयी है. सरकार ने 2018 तक विवि स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन अब किसी भी हालत में इस वर्ष विवि की स्थापना नहीं हो पायेगी. विवि के अधिकारियों में इच्छाशक्ति के अभाव के कारण विवि की स्थापना का मार्ग अवरुद्ध हो गया है. सूत्रों के अनुसार एक माह पहले ही जनजातीय विवि के की स्थापना संबंधी फाइल रांची भेजनी थी, लेकिन अबतक नहीं भेजी गयी है.
पांड्राशाली में चिह्नित की गयी थी जमीन
जनजातीय विवि के लिए पांड्राशाली में जमीन चिह्नित की गयी थी, लेकिन कुछ समस्याएं सामने आने से इसमें परेशानी हो रही है. जनजातीय विवि की स्थापना नहीं हो पाने से कोल्हान वासियों को झटका लगा है. स्थानीय भाषा की पकड़ तभी होगी जब यहां के लोग यहीं उच्च शिक्षा प्राप्त करें.
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